बीच की उंगलियों के छाप से मिलेगा बुजुर्गों को पीडीएस का राशन

भोपाल. ऐसे बुजुर्ग जिनके अंगूठे की छाप मिटने के कारण उन्हें पीडीएस दुकानों पर राशन लेने में परेशानी आ रही है, अब उनकी मध्यमा और अनामिका (दोनों बीच वाली) उंगलियों की छाप का मिलान कर राशन बांटा जाएगा। वहीं ऐसे बुजुर्ग जिनकी सभी 10 उंगलियों की छाप मैच नहीं कर रही हैं, उन्हें निगरानी समिति के दो सदस्यों के सामने आधार की फोटोकॉपी लेकर राशन बांटा जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव केसी गुप्ता ने मंगलवार को राजधानी में राशन दुकानों के औचक निरक्षण के दौरान यह निर्देश दिए हैं। गुप्ता ने दोपहर में भेल और ऐशबाग इलाकों में राशन दुकानों का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि अकसर कामगार लोगों के अंगूठे और तर्जनी उंगली की छाप मिट जाती है, क्योंकि हाथ से काम करते वक्त सबसे ज्यादा इस्तेमाल अंगूठे और तर्जनी का ही होता है। जबकि अनामिका (जिस उंगली से तिलक लगाया जाता है) और मध्यमा (बीच की सबसे बड़ी उंगली) की छाप खराब नहीं होती है।
-20 दिसंबर तक हर हाल में बांटो 100 फीसदी राशन
प्रमुख सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को 20 दिसंबर तक हर हाल में 100 फीसदी राशन वितरण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गुप्ता ने कहा कि चाहे पूरी ताकत झोंकना पड़े तो झोंक दीजिए, जो भी दुकानदार राशन बांटने में कोताही बरते उसका लाइसेंस तत्काल रद्द कर दीजिए। लेकिन इस बार पीडीए दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें नहीं लगना चाहिए।
-जहां ज्यादा उपभोक्ता वहां लागू करो टोकन व्यवस्था
पीएस ने ऐशबाग स्थित नवबहार उपभोक्ता भंडार (दुकान नंबर -198) पर भीड़ देखकर टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य नियंत्रक ज्योति शाह नरवरिया ने बताया कि ज्यादा भीड़ वाली सभी दुकानों को टोकन सिस्टम से राशन बांटने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को घंटों तक कतार में खड़ा न रहना पड़े।
-किस दुकान पर क्या मिला
निरीक्षण के दौरान भेल की जयश्री (143) और महाबली (144) पर नॉन असर सॉफ्टवेयर अपलोड होने के बाद सर्वर कनेक्टिविटी ठीक मिली। 144 पर नेट बंद था, तकनीकी स्टाफ ने इसे दुरुस्त किया। वहीं ऐशबाग की 197, 225, 198 दुकानों पर कुछ उपभोक्ताओं की उंगलियां की छाप नहीं मिलने की समस्या सामने आई। 197 पर दुकान प्रबंधक गायब मिला, उसके स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति राशन वितरण करते मिला। प्रमुख सचिव ने फूड कंट्रोलर को निर्देश दिए कि हर दुकान पर प्रबंधकों का बैठना सुनिश्चित किया जाए।