गार अप्रैल से होगा लागू

दिल्ली. कंपनियों को कर से बच निकलने के लिए आड़े तिरछे तरीके निकालने के प्रति निरुत्साहित करने के उद्येश्य से प्रस्तावित सामान्य कर परिवर्जन रोधी नियम  (गार) एक अप्रैल 2017 से लागू हो जाएगा.  केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 2016 में अपने कामकाज की समीक्षा में इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है. सीबीडीटी ने गार को लागू करने से पहले इसके प्रावधानों को स्पष्ट करने के उद्देश्य से सीबीडीटी ने मई में इस पर सम्बद्ध पक्षों से बातचीत शुरु की थी.   एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम 2016 का पारित किया जाना, प्रत्यक्ष कर विवाद निपटारा योजना 2016 और आकलन वर्ष 2017-19 से गार को लागू करना चालू वित्त वर्ष 2016-17 में सीबीडीटी की अब तक की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है. गार का प्रस्ताव सबसे पहले 2012-13 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में किया था ताकि निवेश के स्वरुप को बदल कर कर से कन्नी काटने वालों पर अंकुश लगाया जा सके। पर विदेशी निवेशकों की आशंकों के चलते इसके क्रियान्वयन को बार बार टालना पड़ा। पहले इसे 1 अप्रैल 2014 से लागू करने का प्रस्ताव था। अब यह एक अप्रैल 2017 की आय पर लागू होगा जिसका आकलन (2018-19) में होगा.