जीएसटी सरल होगा, उद्योगों के लिए कम बोझवाला होगा : राजस्व सचिव

गांधीनगर. केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने आज कहा कि प्रस्तावित नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएटी) से कर व्यवस्था सरल और हल्के बोझ वाली होगी. इसमें केवल एक दर होगी और कर का भुगतान डेबिट:क्रेडिट कार्ड या चेक से किया जा सकेगा.  अधिया ने यहां वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में कहा कि व्यापारियों और उद्यामियों के लिए जीएसटी व्यवस्था में संसाधनों पर चुकाए गए कर को अपनी देनदारी में समायोजित कराना अधिक आसान होगा. इससे पूरे देश पर कर अनुपालन का बोझ हल्का होगा तथा पूरा देश एक साझा बाजार बन जाएगा. अधिया ने कहा, 'जीएसटी पर चलना बहुत ही आसान होगा. आप सबसे लिए यह बहुत ही सरल होगा. सीमाओं (राज्यों की) कोई बाधा नहीं होगी और आप एक जगह से दूसरी जगह सामान आसानी से पहुंचा सकेंगे. तमाम छोटे छोटे कर खत्म हो जाएंगे. केवल एक एकीकृत कर लागू होगा.  गौरतलब है कि सरकार ने 1 अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने का लक्ष्य रखा है पर अधिकार सम्पन्न जीएसटी परिषद में राज्यों के साथ कुछ मसलों पर सहमति न बन पाने से यह समय सीमा मुश्किल लग रही है. इनमें करदाताओं की जांच के अधिकार का मसला भी शामिल है.