स्मार्ट शहरों की सूची में 40 और कस्बों को शामिल करेगी सरकार
गांधीनगर. सरकार स्मार्ट शहरों की अपनी सूची में अगले महीने 40 और शहरों-कस्बों को शामिल करेगी. सरकार इस सूची में शामिल शहरों कस्बों को शहरी सुधारों के तहत धन उपलब्ध कराते हुए स्मार्ट शहर के रुप में विकसित करना चाहती है. शहरी विकास मंत्री एम वैंकेया नायडू ने यहां वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नया शहरी पुनर्जागरण हो रहा है. हमारे सामने दिक्कते हैं लेकिन हमारे शहर व कस्बे नई चुनौतियों से निपटने, नये विचारों की दिशा में आगे बढने को तैयार हैं. उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल जनवरी के बाद से स्मार्ट शहरों के नाम की तीन सूचियां जारी की हैं. 40 नये नाम शामिल होने से स्मार्ट शहरों की कुल संख्या 100 हो जाएगी. इस सूची में शामिल कस्बों शहरों को बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि दी जानी है. नायडू ने कहा कि शहरों को और अधिक बेहतर व रहने लायक बनाने के लिए 'हमने 100 शहरों को चिन्हित किया है. इनमें 60 शहर तो पहले ही सूची में है. इस महीने या अगले महीने हम 40 और नाम इस सूची में शामिल करेंगे ताकि देश में ऐसे स्मार्ट शहरों की संख्या 100 हो जाए. हालांकि भारत जैसे विशाल देश के लिए 100 की संख्या भी पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के बाद आवास क्षेत्र में पर्याप्त अवसर हैं. मंत्री ने कहा कि 2022 तक हर किसी के पास खुद का मकान होना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम तय किया है. वहनीय आवास के लिए ब्याज दरें घटाने की घोषणा हाल ही में की गई. रीयल इस्टेट नियमन व विकास विधेयक आवास क्षेत्र के लिए गति देने वाला होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार नागरिकों के श्रेष्ठ हितों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार की सोच बदलकर 'लोकलुभावन' के बजाय 'लोगों की जरुरतों' पर केंद्रित हुई है.