मुंबई. टाटा संस ने अपने निदेशक मंडल से पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री को हटाने के लिए एक नोटिस दिया है। दोनों खेमों की इस जंग के चलते टाटा ग्रुप की इस होल्डिंग कंपनी के निदेशक मंडल के फैसलों में मिस्त्री के परिवार का सीधा जुड़ाव खत्म हो सकता है। मिस्त्री को हटाने की दिशा में पहले से काम हो रहा था, लेकिन मंगलवार सुबह टाटा ग्रुप के सीनियर मेंबर्स की एक मीटिंग में अंतत: यह तय कर लिया गया कि मिस्त्री को रुखसत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। मिस्त्री साल 2006 से टाटा संस के बोर्ड में हैं।
 
इस कदम पर मुहर लगाने के लिए आने वाले हफ्तों में शेयरहोल्डर्स की एक औपचारिक बैठक बुलाई जाएगी। पलोनजी मिस्त्री परिवार के साइरस मिस्त्री और उनके भाई शापूर मिस्त्री टाटा संस में सबसे बड़े इंडिविजुअल शेयरहोल्डर हैं। उनके पास टाटा संस की 18.4 पर्सेंट हिस्सेदारी है। मामले की जानकारी रखने वालों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि मंगलवार को मिस्त्री को एक नोटिस भेजा गया। टाटा ग्रुप में हाल के घटनाक्रम पर नजर रखने वालों को हालांकि इस कदम पर ज्यादा हैरत नहीं होगी।
 
मिस्त्री खेमे ने रतन टाटा और टाटा ग्रुप पर कई अनियमितताओं का आरोप लगाया था। 19 दिसंबर को इकनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में मिस्त्री ने कहा था कि टाटा संस के बोर्ड से हटने की उनकी कोई योजना नहीं है। 19 दिसंबर को ही मिस्त्री ने टाटा ग्रुप की ऑपरेटिंग कंपनियों में पद छोड़े थे। ईमेल से भेजे गए जवाब में टाटा संस ने कहा, 'ऐसा कोई निर्णय (बोर्ड से मिस्त्री को हटाने का) टाटा संस के बोर्ड ने नहीं किया है।'
 
हाल के दिनों में टाटा ग्रुप और मिस्त्री के ऑफिस एक-दूसरे को कानूनी नोटिस भेजते रहे हैं। 28 दिसंबर को टाटा संस ने आरोप लगाया था कि मिस्त्री कुछ गोपनीय जानकारी को सार्वजनिक कर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं और उनका मकसद टाटा ग्रुप को नुकसान पहुंचाना है। टाटा संस ने कहा था कि मिस्त्री को ऐसे और खुलासे करने से बाज आना चाहिए।
 
टाटा संस की ओर से 27 दिसंबर को लॉ फर्म शार्दूल अमरचंद मंगलदास ने जो नोटिस जारी किया था, उसमें कहा गया था, 'अपने कानूनी और संविदागत दायित्वों को निभाने में आपकी ओर से जो विफलता रही है, उसने टाटा संस और टाटा ग्रुप को ऐसा नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है। हमारे क्लाइंट अपने सभी कानूनी अधिकारों का उपयोग करने का इरादा रखते हैं।'
 
उसमें कहा गया था कि मिस्त्री परिवार के सायरस इन्वेस्टमेंट्स एंड स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन को जानकारी दी गई थी, जिसने नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल के सामने टाटा संस के खिलाफ अपनी याचिका में इसे शामिल किया था। एक सूत्र ने बताया कि एनसीएलटी ने मामले की सुनवाई इस महीने के अंत में करने का निर्णय किया था और टाटा संस सुनवाई पूरी होने का इंतजार करेगी। उन्होंने कहा कि सुनवाई के एक हफ्ते के भीतर शेयरहोल्डर्स की मीटिंग बुलाई जाएगी।