सीबीआई ने हरियाणा भूमि मुआवजा घोटाले के मामले में प्राथमिकी दर्ज की

दिल्ली. सीबीआई ने हरियाणा में किसानों को भूमि अधिग्रहण की एवज में दिए जाने वाले मुआवजे से जुड़े 48 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की जिम्मेदारी ले ली है और प्राथमिकी दर्ज कर ली है. जांच एजेंसी ने पंचकूला के पूर्व जिला राजस्व अधिकारही नरेश कुमार शेवकंद और पंजाब नेशनल बैंक की जंगपुरा एक्सटेंशन शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक भीम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. इन लोगों पर 2012 से 2015 के दौरान भूमि अधिग्रहण की एवज में दी जाने वाले राशि का कथित तौर पर गबन करने का आरोप है. प्राथमिकी में सीबीआई ने आरोप लगाया कि शेवकंद और सिंह को आपराधिक साजिश, आपराधिक कदाचार और जालसाजी का आरोपी बनाया है. हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर यह मामला सीबीआई के पास भेजा गया था.  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आरोप लगाया था कि 2015 में जिला राजस्व अधिकारी के बैंक खातों में 47 करोड़ रुपये की राशि कम पाई गई. राजस्व अधिकारी ही भूमि अधिग्रहण अधिकारी की भूमिका निभा रहे थे. जांच के दौरान पता चला कि 37 करोड़ रुपये 17 लोगों के खातों में भेजे गए थे जिनको भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिलना था.