रोहित टंडन केस में राजकुमार अरेस्ट, अकाउंट से बनाए थे करोड़ों के डिमांड ड्राफ्ट

दिल्ली. पारसमल लोढ़ा और रोहित टंडन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नई गिरफ्तारी की है. गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम राजकुमार गोयल है और यह कोटक महिंद्रा बैंक मैनेजर आशीष और रोहित टंडन का करीबी है. गोयल के केवाईसी का इस्तेमाल 35 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने के लिए किया गया था. राजकुमार गोयल के अकाउंट का इस्तेमाल डिमांड ड्राफ्ट बनवाने के लिए किया गया था. सूत्र बता रहे हैं कि कस्तूरबा गांधी मार्ग, दिल्ली की कोटक महिंद्रा बैंक के गिरफ्तार बैंक मैनेजर आशीष कुमार ने स्वीकार किया है कि उसी ने रोहित टंडन के काले धन को बिजनेसमैन राजकुमार गोयल और सीए कमल जैन की मदद से वाइट किया. आशीष ने 35 पर्सेंट कमीशन लेकर कस्तूरबा गांधी ब्रांच की शाखा से डिमांड ड्राफ्ट इश्यू किया. पूरे रूप में आशीष कुमार को रोहित टंडन से 51 करोड़ रुपए मिले जो कोलकाता के बिजनेसमैन पारसमल लोढ़ा ने उसे दिए. आशीष कुमार ने 38 करोड़ रुपए के डिमांड ड्राफ्ट फर्जी नाम पर बनाए जो कोटक महिंद्रा बैंक की उसी ब्रांच पर आईटी की रेड के बाद रद्द कर दिए गए.
-पारसमल का जुर्म देश के लिए गंभीर खतरा : ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत से पिछले हफ्ते कहा था कि कोलकाता का उद्योगपति पारसमल लोढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में लिप्त था जिसने सरकार के नोटबंदी नीति को ‘नुकसान’ पहुंचाया और देश की वित्तीय स्थिति को ‘गंभीर खतरा’ उत्पन्न किया.
ईडी ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर के त्रिपाठी के समक्ष दायर एक लिखित प्रतिवेदन में लोढ़ा की जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की. लोढ़ा को गत 21 दिसम्बर 2016 को 25 करोड़ रुपये से अधिक के पुराने नोट कथित तौर पर नये नोट से बदलने के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. अदालत जमानत अर्जी पर आज सुनवायी नहीं कर पायी क्योंकि आरोपी के वकील मौजूद नहीं थे. अदालत ने लोढ़ा को 11 जनवरी को दलीलें पूरी करने के लिए अंतिम मौका दिया.