भोपाल/राजगढ़। यहां के हिरनखेड़ी गांव के इतिहास में पहली बार ऐसा दु:खद घटनाक्रम हुआ, जब एक साथ 15 अर्थियां उठीं। चारों ओर मातम पसरा था। हादसे के बाद से गांव के किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला। मंगलवार देर रात तक शवों के पीएम हुए और बुधवार को सभी मृतकों की एक साथ अर्थियां निकलीं। गौरतलब है कि जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार बस सामने से आ रहे ऑटो पर चढ़ गई थी। इससे ऑटो सवार 16 लोगों में से 15 की मौत हो गई थी।जिसने देखा मंजर खुद के आंसू रोक नहीं सका
 
श्मशान घाट पर नहीं थी पैर रखने की जगह
शवों को श्मशान ले जाने का सिलसिला सुबह 9 बजे से शुरू हुआ। उस वक्त के बाद से गांव का आलम ये था कि हर कोई सिर्फ श्मशान की तरफ ही जा रहा था। देखते ही देखते पूरा गांव श्मशान पहुंच गया और वहां पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी।
 
अस्पताल में इकट्ठा हुआ गांव
इससे पहले मंगलवार को हादसे की खबर लगते ही हिरणखेड़ी गांव के लोग बदहवास हालत में जिला अस्पताल पहुंचने लगे। देखते ही देखते वहां पूरा गांव एकत्रित हो गया था। महिलाओं और बच्चों का रुदन और चीखपुकार सुन कर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।