ग्रैंडस्लैम जीतना एक सपना : बोपन्ना
चेन्नई. रोहन बोपन्ना 2013 में पहली बार अमेरिकी ओपन फाइनल में पहुंचने के बाद ग्रैंडस्लैम में सफलता हासिल नहीं कर पाये हैं, लेकिन अब वह उम्मीद लगाये हैं कि 2017 सत्र के लिये एकल वर्ग में दुनिया के 22वें नंबर के खिलाड़ी पाबलो क्यूवास के साथ जोड़ी बनाने के साथ वह ग्रैंडस्लैम का सूखा खत्म कर देंगे. बोपन्ना ने सत्र के शुरुआती चेन्नई ओपन के लिये जीवन नेदुनचेझियान के साथ जोड़ी बनायी है, उन्होंने कहा कि ग्रैंडस्लैम जीतना उनका सपना है और नई भागीदारी से उन्हें उम्मीद मिली है. वह पाकिस्तान के ऐसाम-उल-हक कुरैशी के साथ 2010 में अमेरिकी ओपन के फाइनल में पहुंचे थे और इसके बाद उन्होंने विम्बलडन (2013, 2015) और अमेरिकी ओपन (2011) के सेमीफाइनल में जगह बनायी थी. क्यूवास ने लुई होर्ना के साथ 2008 फ्रेंच ओपन जीता था और 8 फाइनल्स में वह पांच एटीपी एकल खिताब अपने नाम कर चुके हैं. इनमें से दो ब्राजील में लगातार जीते थे जिसमें उन्होंने रियो ओपन और ब्राजील ओपन जीता था. बोपन्ना ने 37 फाइनल्स में 14 युगल खिताब जीते हैं. उन्होंने कहा कि ग्रैंडस्लैम जीतना एक सपना है, उम्मीद है कि नई साझेदारी अंतर पैदा करेगी. मुझे हमेशा ही उसका खेल पसंद आया है. मैं उसके खिलाफ भी कई बार खेला हूं. वह एक मजबूत खिलाड़ी है जो सर्विस करता है और पीछे ही रहता है जैसा फ्लोरिन. वह पहले एक ग्रैंडस्लैम जीत चुका है. उसे उच्च स्तर पर खेलने का अनुभव है इसलिये मेरे पास बढि़या करने का मौका है.