बोपन्ना-जीवन ने चेन्नई ओपन का युगल खिताब जीता
चेन्नई. सिर्फ दूसरी बार जोड़ीदार बनाकर खेल रहे रोहन बोपन्ना और जीवन नेदुनचेझियान ने आज यहां आल इंडियन फाइनल में हमवतन दिविज शरण और पूरव राजा को हराकर चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट का पुरुष युगल का खिताब जीत लिया. दुनिया के 28वें नंबर के खिलाड़ी बोपन्ना और जीवन ने टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले दिविज और राजा को सिर्फ 65 मिनट में 6-3, 6-4 से हराया. बोपन्ना और जीवन का यह जोड़ी के रुप में पहला खिताब है और इन्होंने दिविज और राजा को तीसरा खिताब जीतने से वंचित किया. वर्ष 2011 में लिएंडर पेस और महेश भूपति की स्टार जोड़ी के खिताब जीतने के बाद यह पहला मौका है जब किसी भारतीय जोड़ी ने चेन्नई ओपन का खिताब जीता. पेस और भूपति ने चेन्नई ओपन में पांच बार खिताब जीता है. बोपन्ना के करियर का यह 15वां और जून 2015 के बाद पहला खिताब है. बोपन्ना ने पिछली बार फ्लोरिन मर्जिया के साथ मिलकर स्टुटगार्ट ओपन का खिताब जीता था. इसके बाद इस भारतीय खिलाड़ी को सिडनी और मैड्रिड में शिकस्त का सामना करना पड़ा. एटीपी विश्व टूर स्तर पर जीवन का यह पहला खिताब है. उन्होंने चैलेंजर सर्किट पर तीन युगल खिताब जीते हैं.  दिविज और राजा की जोड़ी टूर्नामेंट में अपनी अब तक की लय को बरकरार नहीं रख सकी. फाइनल में खेल रहे सबसे कुम अनुभव वाले खिलाड़ी जीवन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और वह एकमात्र खिलाड़ी रहे जिसने मैच में अपनी सर्विस नहीं गंवाई. दूसरी तरफ दिविज और राजा को अपनी सर्विस को लेकर जूझना पड़ा और मैच के नतीजे में इसकी अहम भूमिका रही. सत्र 2017 में पाब्लो क्यूवास के साथ जोड़ी बनाने वाले बोपन्ना ने कहा कि यह भारतीय टेनिस के लिए बड़ा कदम हैं क्या पता यह किसी बच्चे को रैकेट के लिए प्रेरित करे. यह भारतीय टेनिस के लिए बड़ी जीत है. बोपन्ना ने जीवन की तारीफ करते हुए कहा कि मेरा काम उसे सहज महसूस कराना था. यहां तक कि दिविज और राजा दबाव महसूस कर रहे थे. दोनों टीमों को मौके मिले और हमने अधिक का फायदा उठाया.