today-in-history 17 October- Mother Teresa was awarded the Nobel Peace Prize

उन्हें 17 अक्टूबर 1979 को नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

नयी दिल्ली.  मदर टेरेसा को कौन नहीं जानता। यह विनम्र और स्नेहमयी मां एक रोमन कैथोलिक नन थीं और उन्होंने जीवन भर गरीब, अनाथ, लाचार और बीमार लोगों की तीमारदारी की। उन्होंने कलकत्ता में मिशनरीज आफ चैरिटी की स्थापना की और दुनियाभर में इसके केन्द्रों की स्थापना कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाया।

उन्हें 17 अक्टूबर 1979 को नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत पर विशेष रूप से स्नेह रखने वाली मां टेरेसा ने 1948 में स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता ली और 1980 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। देश दुनिया के इतिहास में 17 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1605 : जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर का निधन।

1870 : कलकत्ता बंदरगाह को स्वायत्त निकाय के अंतर्गत लाया गया।

1874 : कोलकाता को हावड़ा से जोड़ने के लिए 1874 में हुगली नदी पर पीपे से बनाए पंटून पुल को यातायात के लिए खोला गया। इसी पुल की जगह बाद में हावड़ा ब्रिज का निर्माण किया गया।

1906 : स्वामी रामतीर्थ का निधन।

1920 : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ताशकंद में स्थापना।

1949: संविधान सभा ने संविधान के अनुच्छेद 370 को स्वीकार किया। इसके अंतर्गत जम्मू और कश्मीर को विशेष प्रावधान प्रदान किए गए।

1968 : मैक्सिको ओलंपिक में अमेरिका के दो अश्वेत खिलाड़ियों ने रंगभेद के खिलाफ मौन विरोध व्यक्त किया। ओलंपिक के इतिहास में अपनी तरह की इस पहली घटना में 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने वाले टोमी स्मिथ और जान कार्लोस ने पदक ग्रहण करते समय अमेरिका का राष्ट्रगान बजाए जाने के दौरान काले दस्ताने पहने हाथों को उठाकर सिर झुकाए हुए अपना विरोध प्रकट किया।

1970 : भारतीय स्पिन गेंदबाजी के धुरंधर अनिल कुंबले का जन्मदिन। कुंबले के नाम एक दुर्लभ रिकार्ड है। वह टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेने वाले भारत के पहले और विश्व के दूसरे खिलाड़ी हैं।

1979 : गरीबों और बेसहारों की मसीहा मदर टेरेसा को नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

1989 : सान फ्रांसिस्को में भीषण भूकंप, नौ लोगों की मौत और सैकड़ों घायल।

1994 : 25 जून 1983 को देश को विश्व कप दिलाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपने टेस्ट करियर का अंतिम एक दिवसीय मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ फरीदाबाद में खेला। (एजेंसी)