today-in-history August 5-Today's first electric traffic signal was set

पहली इलैक्ट्रिक ट्रैफिक लाइट 1914 में पांच अगस्त के ही दिन अमेरिका में लगाई गई थी।

नयी दिल्ली.सड़क पर चलते हुए आपने जगह जगह ट्रैफिक सिगनल लगे देखे होंगे। यह जानना दिलचस्प होगा कि इसकी शुरूआत कब हुई। दरअसल पहली इलैक्ट्रिक ट्रैफिक लाइट 1914 में पांच अगस्त के ही दिन अमेरिका में लगाई गई थी और उस समय इसमें हरी और लाल रंग की लाइट ही हुआ करती थी, जिसमें एक रूकने के लिए और दूसरी चलने के लिए थी। बाद में इसमें सावधानी सूचक तीसरी पीली लाइट भी लगाई गई।

इस दिन की एक और बड़ी घटना की बात करें तो 1991 में वह पांच अगस्त का ही दिन था जब जस्टिस लीला सेठ को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। दिल्ली हाई कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश होने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। देश दुनिया के इतिहास में पांच अगस्त की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1775 : पश्चिम बंगाल के महाराजा नंदकुमार को कलकत्ता (अब कोलकाता) में फांसी दी गई। ब्रिटिश शासन द्वारा भारत में धोखाधड़ी के लिए दी गई यह अंतिम फांसी थी। 

1874 : जापान ने इंग्लैंड की तर्ज पर डाक बचत प्रणाली शुरू की।

1888 – कार का अविष्कार करने वाले कार्ल बेंज की पत्नी ने इस कार से पहली बार 104 किलोमीटर की लंबी दूरी तय की। 

1912 : जापान में टोक्यो के गिंजा में पहली टैक्सी सेवा शुरू हुई। 

1914 : अमेरिका में पहली इलेक्ट्रिक ट्रैफिक लाइट लगाई गई। 

1914 : क्यूबा, उरुग्वे, मैक्सिको और अर्जेंटीना ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान तटस्थ रहने की घोषणा की। 

1915 : प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वारसा पर जर्मनी का अधिकार हो गया इससे पहले यह क्षेत्र रुस के अधिकार में था। 

1921 : अमेरिका और जर्मनी ने बर्लिन शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। 

1923 : हेनरी सुलिवान इंग्लिश चैनल पार करने वाले पहले अमेरिकी बने। 

1945 : अमेरिकी हवाई जहाज ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया। 

1949 : इक्वाडोर की राजधानी क्विटो में 6।7 की तीव्रता वाले भूकंप से छह हजार लोगों की मौत। 

1960 : अफ़्रीक़ी देश बुनकिनाफासो ने स्वतंत्रता की घोषणा की। 

1963 : रुस ब्रिटेन और अमेरिका ने मॉस्को में परमाणु परीक्षण निषेध सन्धि की।

 1991 : न्यायमूर्ति लीला सेठ हिमाचल प्रदेश हाईकोट की पहली महिला चीफ जस्टिस बनीं। 

2011: नासा के वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर बहता पानी होने का साइंस पत्रिका में दावा किया।(एजेंसी)