Rahul Gandhi lauds Center for administering over 86 lakh COVID vaccines in a single day

    नयी दिल्ली. साल के छठे महीने का 19 वां दिन देश और दुनिया के इतिहास में कई कारणों से खास है। यह दिन दो देशों की बड़ी राजनीतिक हस्तियों के जन्मदिन के तौर पर इतिहास में दर्ज है। हालांकि अपने अपने देश के प्रमुख राजनीतिक परिवारों में जन्म लेने के बावजूद इन दोनो के हालात और कार्य एकदम अलग हैं। भारत के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी और म्यांमा में लोकतंत्र की स्थापना के लिए कई बरस तक संघर्ष करने वाली और दुनिया में लोकतंत्र का प्रतीक बनकर उभरीं आंग सान सू की का जन्म 19 जून को ही हुआ था।

    राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी के यहां हुआ। म्यांमा की लौह महिला सू की देश के राष्ट्रपिता आंग सान की पुत्री हैं, जिनकी 1947 में राजनीतिक हत्या कर दी गयी थी। सू की ने बर्मा में लोकतन्त्र की स्थापना के लिए लम्बा संघर्ष किया। उन्हें 1990 में राफ्तो पुरस्कार से, विचारों की स्वतंत्रता के लिए सखारोव पुरस्कार से, 1991 में नोबेल शांति पुरस्कार से और 1992 में भारत सरकार द्वारा जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार से सम्मानित किया गया। देश दुनिया के इतिहास में 19 जून की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

    1269: फ्रांस के राजा लुई ने सभी यहुदियों को एक खास बैज पहनने का हुक्म दिया।

    1716 : मुगलों के अजेय होने का भ्रम तोड़ने वाले प्रसिद्ध सिख सैनिक बंदा सिंह बहादुर को बादशाह फरूखसियर के आदेश पर यातनाएं देकर मौत के घाट उतार दिया गया। 

    1843: ‘दास कैपिटल’ के लेखक और समाजशास्त्री काल मार्क्स ने विवाह किया। 

    1910 : वाशिंगटन में पहला फादर्स डे मनाया गया।

     1945: म्यांमा में लोकतंत्र की अलख जगाने वाली आंग सान सू की का जन्म।

     1947: मशहूर ब्रिटिश-भारतीय लेखक और उपन्यासकार सलमान रश्दी का जन्म। 

    1948: सोवियत संघ ने पश्चिमी बर्लिन की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया। 

    1970 : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्म। 1981 : भारत ने अपने भू स्थैतिक उपग्रह एपल का सफल प्रक्षेपण किया।

    1991: सोवियत संघ ने हंगरी को अपने कब्जे से आजाद किया। 

    1968: मार्टिन लूथर किंग के नेतृत्व में आर्थिक न्याय के लिए 50,000 लोगों ने प्रदर्शन किया।

    2005: फ़ोर्ब्स पत्रिका ने ओफ़्रा विनफ्रे को दुनिया की सौ ताकतवर हस्तियों की सूची में पहला स्थान दिया। (एजेंसी)