बूथ हास्पिटल का सेवाभावी कार्य नगर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज होगा

अहमदनगर. कोरोना महामारी की संकट की स्थिति में सर्वत्र मानवता को जतन करनेवाले उपक्रम किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सेवा की शतकोत्तर परंपरा वाले अहमदनगर के बूथ हॉस्पिटल में मार्च महीने से ही कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखकर उन्हें नया जीवनदान देने का काम किया जा रहा है. कोरोना संक्रमण का खतरा होने के बावजूद यहां के डॉक्टर,नर्स और कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाभावी तरीके से मरीजों की सेवा में जुट गए हैं. 

बूथ हॉस्पिटल का कार्य सराहनीय

कोरोना मरीजों के लिए वरदान साबित हुए बूथ हॉस्पिटल का कार्य निश्चित ही सराहनीय है. अहमदनगर के इतिहास में इस सेवाभावी कार्य को स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा.ऐसा प्रतिपादन माहेश्वरी समाज के बजरंग दरक ने किया.

 100 कुर्सियां और 4 टेबल दिए गए

हजारों कोरोना संक्रमित मरीजों  का  इलाज कर उन्हे स्वस्थ बनाकर घर वापस भेजने का काम करनेवाले बूथ हॉस्पिटल को माहेश्वरी समाज की ओर से 100 कुर्सियां और 4 टेबल भेंट किए गए.अस्पताल ने प्रशासक मेजर देवदान कलकुंबे ने इस भेंट को स्वीकार किया.इस अवसर पर मनीष सोमाणी, महेश बिहाणी, योगेश बजाज, महेश इंदानी,परेश बजाज, राहुल धंवर आदि उपस्थित थे. महेश इंदाणी ने कहा कि लाकडाऊन के दौरान माहेश्वरी समाज ने समाज के विविध घटकों को मदद दिलाने के लिए विविध उपक्रम किए. मेजर देवदान कलकुंबे ने कहा कि बूथ हॉस्पिटल ने सौ साल पहले प्लेग की महामारी के दौरान अहमदनगर के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा दी थी. सेवाभाव की इसी विरासत को आज भी जतन किया है. मौजूदा स्थिति में कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है. लेकिन अहमदनगर की सामाजिक संस्था,दानवीर व्यक्ति,मंडल भी लगातार अस्पताल को विविध प्रकार की भेंट देकर सहायता कर रहे हैं. माहेश्वरी समाज व्दारा दिए 100 कुर्सियों और 4 टेबल की मदद भी अस्पताल को बल देने का काम करेगी.