आत्महत्या पीड़ित किसानों के परिजनों को मदद करेगा शासन

  • संगमनेर के तहसीलदार अमोल निकम का प्रतिपादन
  • शासन के उभारी अभियान का देवकौठे गांव में शुभारंभ

अहमदनगर. आत्महत्या पीड़ित किसानों के परिजनों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकार के निर्णय के अनुसार प्रशासन शीघ्र गति से काम करेगा. ऐसा प्रतिपादन संगमनेर के तहसीलदार अमोल निकम ने किया.

पिछले 5 सालों का रखा जाएगा ख्याल

महाविकास आघाडी सरकार के निर्णय के तहत राजस्वमंत्री बालासाहब थोरात के मार्गदर्शन में और नाशिक विभागीय राजस्व आयुक्त राधाकृष्ण गमे के आदेश के अनुसार नाशिक राजस्व विभाग मे विगत 5 सालों में आत्महत्या किए किसानों के परिजनों को सरकार की विविध योजनाओं की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उभारी अभियान शुरू किया गया है. नगर जिले में संगमनेर तहसील के देवकौठे और वडगाव लांडगा गांव में इस अभियान का शुभारंभ किया गया. इस अवसरपर मार्केट कमिटी के संचालक भारत मुंगसे, एकनाथ मुंगसे, सोसायटी के चेयरमैन राजेंद्र कहांडल, नामदेव कहांडल, दूध संस्था चेयरमैन राजेंद्र मुंगसे, दशरथ कहांडल, अनिल गाजरे, पुलिस पाटिल अमोल गडाख, ग्रामसेवक गायकवाड, कृषि सहायक स्मिता सहाने, रोहिदास मुंगसे आदि उपस्थित थे.

परिजनों की जानकारी जुटाई जाएगी 

तहसीलदार अमोल निकम और अन्य सरकारी अधिकारियों ने देवकौठे गांव में मृत किसान सोमनाथ कहांडल के परिजनों के साथ चर्चा की. तहसीलदार निकम ने कहा कि मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे,राजस्वमंत्री थोरात,कृषि मंत्री दादा भुसे के मार्गदर्शन में विभागीय आयुक्त गमे की सूचना के अनुसार 2 से 9 अक्तूबर के दौरान यह अभियान हाथ में लिया है. विगत 5 सालों में आत्महत्या किए किसानों की मौजूदा स्थिति, अब तक उन्हें मिली सरकारी योजनाओं के लाभ की जानकारी, स्वयंरोजगार दिलाने के लिए विशेष प्रयास कराने हेतु यह अभियान शुरू किया गया है.

इस अभियान के तहत आत्महत्या किए किसानों के घरों में पहुंचकर परिजनों से जानकारी जुटाने का काम किया जाएगा. उसी तरह जानकारी उपलब्ध होने पर उन्हें जल्द विविध योजनाओं की सहायता दिलाने के लिए प्रभावी रूप से काम किया जाएगा. इस उपक्रम के तहत तहसीलदार निकम ने आसपास के गांवों में आत्महत्या पीडित किसानों के परिजनों से मिलकर उनकी कठिनाइयां और समस्या सुलझाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए.