Mahatma Phule Krishi Vidyapeeth

    अहमदनगर. किसी भी फसल (Crop) के लिए हमेशा ही अधिक पानी (More Water) की जरूरत होती है, लेकिन सूक्ष्म सिंचन प्रणाली का उपयोग कर कम पानी में अधिक उत्पादन करना संभव है। इससे पानी की बचत (Water Saving) भी होगी।

    कृषि विद्यापीठ की ओर से पानी का किफायती इस्तेमाल करने के मकसद से विकसित की गई तकनीक का इस्तेमाल कर किसानों (Farmers) को अपने खेतों में अधिक उत्पादन करना चाहिए। ऐसा प्रतिपादन महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. पी. जी. पाटिल ने किया।

    सूक्ष्म सिंचन, जल प्रबंधन, डिजिटल खेती पर मार्गदर्शन

    विश्व जल दिन के उपलक्ष्य में महात्मा फुले कृषि विवि में आयोजिन आनलाइन समारोह में कुलगुरू डॉ. पाटिल बोल रहे थे।  कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सूक्ष्म सिंचन, खाद व्यवस्थापन, डिजिटल खेती, जल व्यवस्थापन आदि के बारे में मार्गदर्शन किया। उस्मानाबाद के रांजनी के कृषिभूषण पांडुरंग आव्हाड, इंजीनियर अरुण देशमुख, अधिष्ठाता डॉ. अशोक फरांदे, सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. दिलीप पवार, प्रकल्प समन्वयक डॉ. सुनील गोरंटीवार, डॉ. एम.एस.माने आदि उपस्थित थे। डॉ. फरांदे ने सभी का स्वागत किया। डॉ. पवार ने प्रस्तावना पेश की। डॉ. मंगल पाटिल ने कार्यक्रम का संचालन किया। सहसमन्वयक डॉ. मुकुंद शिंदे ने आभार जताया।