राष्ट्रीय एकात्मता ही देश की आत्मा

अहमदनगर. राष्ट्रीय एकात्मता एक दिन में तैयार नहीं होती. इसके लिए काफी अवधि लगता है. भारत में राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूती से जतन किया गया है. राष्ट्रीय एकात्मता के लिए हजारों लोगों ने बलिदान दिया है. राष्ट्रीय छात्र सेना (एनसीसी) द्वारा अपने मूल्य और प्रशिक्षण के माध्यम से छात्रों में सर्वधर्म समभाव की भावना को बढ़ावा दिया जाता है. इसी कारण राष्ट्रीय एकात्मता सही मायने में देश का आत्मा है. ऐसा प्रतिपादन ब्रिगेडियर संग्राम मोहिते ने किया.

राहुरी के महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ में राष्ट्रीय छात्रसेना, डॉ. शिंदे कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय,17 महाराष्ट्र बटालिन के संयुक्त तत्वावधान से नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण इस विषय पर आयोजित आनलाइन सेमिनार के समापन समारोह में ब्रिगेडियर मोहिते बोल रहे थे. कुलगुरु डॉ. के.पी. विश्वनाथा की अध्यक्षता में इस समारोह के लिए डॉ. दिलीप पवार, प्राचार्य डॉ. प्रकाश हेरेकर, कर्नल दिलीप सिंह थोरात, कर्नल अमरसिंह सावंत, कर्नल जीवन झेंडे, लेफ्ट. कर्नल मनोज कुमार सिन्हा, मेजर अशोक कौल, मेजर मीनल चव्हाण, मेजर अशोक डोनर, लेफ्ट. सुनील फुलसावंगे, प्राचार्य गोविंद येन्गे, डॉ. अवधूत वालुंज आदि उपस्थित थे. 

महामारी ने पूरे विश्व को बड़ा सबक सिखाया है

कुलगुरु डॉ. विश्वनाथा ने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को बड़ा सबक सिखाया है. कोविड-19 के संकट से लडने की शक्ति, धैर्य, अनुशासन, आत्मविश्वास यह सब बातें राष्ट्रीय छात्र सेना में सिखने मिलती हैं. डॉ. दिलीप पवार ने प्रस्तावना करते स्वागत किया. लेफ्ट. सुनील फुलसावंगे ने दो दिवसीय सेमिनार के बारे में जानकारी दी. डॉ. अवधूत वालुंज ने सूत्रसंचालन किया. मेजर अशोक डोनर ने आभार व्यक्त किया.