Necessary to help farmers

    अहमदनगर. अनेक कठिनाइयों का सामना कर खेती करनेवाले किसानों (Farmers) की दृष्टि से पशुपालन (Animal husbandry) एक महत्वपूर्ण सहायता व्यवसाय है। पशुपालन की सहायता से किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है। कई बार प्राकृतिक आपदा, बीमारी के कारण किसानों के जानवर मृत हो जाते हैं।

    ऐसे कठिन संकट से किसान को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। इन बातों के मद्देनजर किसानों को संकट समय में राहत देना जरूरी है। ऐसा प्रतिपादन अहमदनगर जिला परिषद की अध्यक्षा राजश्री घुले (Rajshree Ghule) ने किया।

    69 लाभार्थी किसानों को 4 लाख 94 हजार रुपए का आवंटन

    अहमदनगर जिला परिषद की ओर से इस वर्ष जिले में विभिन्न संकटों से मृत जानवरों के लिए 69 लाभार्थी किसानों को 4 लाख 94 हजार रुपए का आवंटन किया गया। इस अवसर पर घुले बोल रहीं थीं। जिला परिषद सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में सभापति गडाख ने बताया कि जानवरों की अचानक मौत होने से त्रस्त किसानों को जिला परिषद सेस फंड से मदद करनेवाली अहमदनगर जिला परिषद राज्य में प्रथम जिला परिषद है। इस समय उपाध्यक्ष प्रताप शेलके पाटिल,सभापति सुनील गडाख,उमेश परहर,मीरा शेटे,काशीनाथ दाते,सदस्या प्रभावती ढाकणे,जिला परिषद पशुसंवर्धन अधिकारी डॉ।सुनील तुंबारे,पशुधन विकास अधि कारी डॉयवृषाली भिसे आदि समेत लाभार्थी किसान उपस्थित थे। डॉ।तुंबारे ने प्रस्तावना करते इस योजना की जानकारी दी। डॉ.वृषाली भिसे ने आभार जताया।