किसान आंदोलन के समर्थन में बंद रहा संगमनेर

  • व्यापारियों ने बंद रखे संस्थान

अहमदनगर. केंद्र की भाजपा सरकार ने चर्चा किए बिना लागू किए किसान और मजदूर विरोधी कानून के विरोध में दिल्ली में शुरू किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित भारत बंद को संगमनेर में भारी प्रतिसाद मिला। संगमनेर शहर और पूरे तहसील में लोगों ने अपनी दुकानें और संस्थान बंद रखकर बंद को 100 फीसदी समर्थन व्यक्त किया।

राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात (Balasaheb Thorat) के मार्गदर्शन में संगमनेर में महाविकास आघाड़ी, शेतकरी संगठन, मित्र और पुरोगामी विचार के संगठनों ने बंद का आह्वान किया था। मंगलवार सुबह से ही पूरे तहसील में सभी प्रकार के व्यवहार बंद रहे। तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में भी बंद का भारी असर दिखाई पड़ा।

विधायक डॉ. सुधीर तांबे ने कहा कि दिल्ली में शुरू किसानों के आंदोलन का 11वां दिन है। किसानों की मांग को सरकार अनदेखी करके किसानों पर अत्याचार कर रही है। इसके खिलाफ पूरा देश एकजुट हुआ है। इन बातों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने काले कानून तुरंत रद्द करना जरूरी है। अन्यथा सरकार को जन आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। ऐसी चेतावनी विधायक तांबे ने दी। बाबा ओहोल, आबासाहब थोरात, अमर कतारी आदि के भाषण हुए।