शास्त्र शुद्ध प्रशिक्षण से निश्चित मिलती सफलता

  • पुलिस भर्ती पूर्व प्रशिक्षण के दौरान अरुण वाबले का प्रतिपादन

अहमदनगर. किसी प्रकार की शासकीय सेवा में चयन होने के लिए उम्मीदवार ने शास्त्र शुद्ध प्रशिक्षण हासिल करने से सफलता निश्चित ही मिलती है। राज्य में आगामी पुलिस भर्ती के मद्देनजर संजीवनी फाउंडेशन ने शुरू किया भर्ती पूर्व प्रशिक्षण का उपक्रम सराहनीय है। इस प्रशिक्षण की सहायता से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों का सहज चयन होने की उम्मीद है। ऐसा प्रतिपादन राज्य के पुलिस दल में सीआईडी समेत विविध विभागों में अच्छी सेवा देनेवाले वर्तमान में सिटी सिक्यूरिटा इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेस के प्रमुख संचालक अरुण वाबले ने किया।

संजीवनी फाउंडेशन द्वारा आयोजित भर्ती पूर्व प्रशिक्षण उपक्रम के तहत अरुण वाबले छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे थे। संजीवनी ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के कार्याध्यक्ष नितीन कोल्हे की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए फाउंडेशन के सचिव सुमित कोल्हे, संगणक उद्योजक विजय नायडू, शिक्षण संचालक ज्ञानदेव सांगले आदि मंच पर उपस्थित थे।

मार्गदर्शन के दौरान वाबले ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी। उसी तरह प्रशिक्षण में भाग लेनेवाले छात्रों की आशंका दूर करने का काम किया। सुमित कोल्हे ने प्रस्तावना की। कार्याध्यक्ष नितीन कोल्हे, ने कहा कि, ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को भारतीय सेना में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने हेतू संजीवनी के संस्थापक तथा पूर्व मंत्री शंकरराव कोल्हे ने 1992 में संजीवनी प्री कैंडेट टेनिंग सेंटर की स्थापना की। इस माध्यम से करीब हजारों छात्रों को पुलिस बार्डर सिक्यूरिटी फोर्स, डिफेन्स, सेंट्रल रिजर्व फोर्स, इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स ऐसे विविध संस्थानों में अच्छी नौकरियां मिली है। शिक्षण संचालक ज्ञानदेव सांगले और निवृत्त सैनिकी अधिकारी दादासाहब तिवारी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रयास किए।