Water of Nilwande Canal will reach the drought stricken area by 2022

    अहमदनगर. साल 1999 में राज्य सरकार में राज्यमंत्री के रूप में शपथ लेते ही निलवंडे बांध (Nilwande Dam) के काम को गति दी थी। लगातार प्रयास कर 2012 तक बांध की दीवार का काम पूरा कराया। इसी दौरान बांध के टनेल के काम भी पूरे किए गए। विगत पांच साल बांध (Dam) और कैनाल (Canal) के काम ठप पड़े हुए थे, लेकिन राज्य में महाविकास आघाडी सरकार के सत्ता में आने के उपरांत दूसरे दिन से ही निलवंडे के काम शुरू करवाए।

    वर्तमान बजट में निलवंडे कैनाल के कामों के लिए भारी प्रावधान कर जल्द ही सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। उसके बाद वर्ष 2022 तक संगमनेर तहसील के सूखाग्रस्त इलाकों में पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसा भरोसा राजस्वमंत्री बालासाहब थोरात (Balasaheb Thorat) ने दिलाया।

    आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें गन्ना किसान

    सहकार महर्षि भाऊसाहब थोरात सहकारी चीनी मिल की 53वीं सालाना सभा में थोरात बोल रहे थे। राजस्वमंत्री थोरात ने कहा कि 5 हजार 500 मेट्रिक टन क्षमता कीम मिल और 30 मेगावाट बिजली निर्मिर्ति प्रकल्प की दूरदृष्टि से लिया गया निर्णय फायदेमंद साबित हुआ है। नए रूप से शुरू किए इथेनाल प्रकल्प से मिल की आमदनी में वृद्धि होगा। मिल के अधिक कार्यक्षमता से काम करने के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों को भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अपने खेतों में गन्ने का अधिक उत्पादन करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

    कभी भी बदनियती से राजनीति नहीं की

    अपने राजनैतिक और सामाजिक जीवन में काम करते समय कभी भी बदनीयति से काम नहीं किया। इसी कारण तहसील में लोगों से हमेशा ही जनता का प्रेम निरंतर मिलता रहा है। ऐसा थोरात ने कहा। मिल के अध्यक्ष बाबासाहब ओहोल की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में विधायक डॉ. सुधीर तांबे, बाजीराव खेमनर पाटिल, नगराध्यक्षा दुर्गा तांबे,जिला सहकारी बैंक उपाध्यक्ष एड. माधवराव कानवडे, महानंदा के अध्यक्ष रणजितसिंह देशमुख, शिवाजीराव थोरात, इंद्रजीत थोरात,अमित पंडित, शंकरराव खेमनर, कारखाना के उपाध्यक्ष संतोष हासे,अजय फटांगरे,नवनाथ अरगडे, गणपतराव सांगले, साहबराव गडाख, संपतराव डोंगरे, सुभाष सांगले, भारत मुंगसे,कार्यकारी संचालक जगन्नाथ घुगरकर आदि उपस्थित थे। नामदेव कहांडल ने कार्यक्रम का सूत्र संचालन किया। उपाध्यक्ष संतोष हासे ने आभार जताया।