शहर में 5,000 फेरीवाले – लाकडाउन से अनेकों के रोजगार गए

  • फेरीवालों की संख्या दोगुनी हो गई

अकोला. कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के बाद सरकार ने सभी ओर लाकडाउन किया. जिसमें निजी क्षेत्र के अनेकों के रोजगार गए. अनेकों की दुकानें भी बंद थी. जिससे सड़क के किनारें बिक्री करनेवालों की संख्या बढ़ती गई. लाकडाउन के बाद शहर के फेरीवालों की संख्या दोगुनी होकर वह 5,000 से अधिक होने का स्पष्ट हुआ है. लाकडाउन के पूर्व महानगर पालिका की ओर से फेरीवालों का एक एजेन्सी द्वारा सर्वेक्षण किया गया था. जिसमें 2,351 फेरीवालों की बायोमेट्रीक पद्धति से पहचान की गई. उसके बाद कोरोना महामारी से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया.

फेरीवालों को आर्थिकदृष्टि से सक्षम करने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 10,000 रू. का कर्ज वितरित करने की योजना शुरू की है. इसके लिए आनलाइन आवेदन करने का आहवान सरकार की ओर से किया गया है. वर्तमान स्थिति में 2 से 3 हजार फेरीवालों के कर्ज प्राप्ती के लिए आवेदन आना अपेक्षित था. लेकिन लाकडाउन के समय में फेरीवालों की संख्या बढ़ने से करीब 5,500 आवेदन आए है. 

1 करोड़ 88 लाख रू. के कर्ज मंजूर

विविध बैंकों द्वारा अब तक 1,900 लाभार्थियों के आवेदन मंजूर किए गए है. जिसमें से 850 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष कर्ज वितरित किए गए है. 1 करोड़ 88 लाख रू. कर्ज की रकम मंजूर होकर उसमें से 80 लाख रू. का कर्ज वितरण हुआ है. प्रत्येक लाभार्थियों को 10,000 रुपए कर्ज मिलता है. एक वर्ष में उसकी वापसी करने पड़ती है. यह जानकारी महानगर पालिका राष्ट्रीय नागरी आजीविका का अभियान द्वारा दी गई है.