20 को आषाढ़ी एकादशी पर बंद रहेंगे सभी मंदिर, लोग अपने अपने घरों में ही मनाएंगे आषाढ़ी

    • बड़ी संख्या में लोग रखेंगे उपवास

    अकोला. 20 जुलाई मंगलवार को आषाढ़ी एकादशी बहुत उत्साह के साथ मनाई जाएगी. इस बारे में कहा जाता है कि भगवान विष्णु इस स्थिति से चार माह के लिए योग निद्रा में लीन हो जाते हैं और अगले चार माह तक सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. ऐसा भी कहा जाता है इस दिन उपवास रखने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. 

    सभी मंदिर बंद रहेंगे

    आषाढ़ी एकादशी के दिन लोग सुबह सुबह स्नान आदि के बाद भगवान के दर्शन करते हैं. लेकिन इस बार आषाढ़ी एकादशी के दिन कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लाकडाउन के कारण सभी मंदिर बंद रहेंगे. अकोला के ग्राम देवता भगवान श्री राजराजेश्वर मंदिर के साथ साथ सभी मंदिर नहीं खुलेंगे. इस कारण लोग अपने घरों में रहकर व्रत रखते हुए आषाढ़ी एकादशी मनाएंगे. 

    विठ्ठल मंदिर में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था

    आषाढ़ी एकादशी के दिन अकोला में स्थित विठ्ठल मंदिर का काफी महत्व रहता है. विठ्ठल मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था और श्रद्धा है. आषाढ़ी एकादशी के पहले ही पुराना शहर में स्थित विठ्ठल मंदिर में बहुत सुंदर प्रकाश व्यवस्था की गयी है. 318 वर्ष पुराने प्राचीन विठ्ठल मंदिर का अकोलावासियों के लिए अपना एक अलग ही महत्व है.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक गोवर्धन शर्मा इस मंदिर में सुबह तड़के आषाढ़ी एकादशी के दिन पूजा अर्चना करेंगे. विठ्ठल अखंड हरिनाम सप्ताह मंडल, रमेश अलकरी मित्र मंडल के सहयोग से कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए दी गयी सूचनाओं का पालन करते हुए यहां पर आषाढ़ी एकादशी मनाई जाएगी.

    इस मंदिर में पिछले अनेक वर्षों से आषाढ़ी एकादशी के दिन पूजा अर्चना की जाती है. आषाढ़ी एकादशी के दिन इस मंदिर में काफी भीड़ हो जाती है. इस बार लाकडाउन के कारण लोग यहां पर नहीं आ सकेंगे. भगवान श्री राजराजेश्वर मंदिर के साथ साथ शहर में स्थित विभिन्न मंदिरों में लोग लाकडाउन के कारण अपने भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे.

    नियमों का पालन कर मनाएं आषाढ़ी एकादशी-प्रा.संजय खड़से

    अकोला के निवासी उप जिलाधिकारी प्रा.संजय खड़से से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न सूचनाएं जारी की गयी हैं. उन सूचनाओं का और नियमों का पालन करते हुए आषाढ़ी एकादशी के साथ साथ आनेवाले सभी त्यौहार मनाएं, इसी तरह मास्क लगाए बिना घरों से बाहर न निकलें, सोशल डिस्टेन्सिंग का पूरी तरह से पालन करें और दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोएं, तभी हम कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सामना कर सकेंगे.