18,000 children infected in Nashik, first infected on 28 March 2020
प्रतीकात्मक तस्वीर

    अकोला. कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों की देखभाल के लिए एक एक्शन कमेटी का गठन किया गया है. इस समिति के माध्यम से ऐसे बच्चों को खोजने के लिए जन जागरूकता की जाएगी. तदनुसार जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय में कोविड संक्रमण के कारण परेशानी में पाये गये बच्चों की सूचना देने वाला एक बैनर एवं स्टीकर जारी किया गया.

    इस अवसर पर महिला व बाल विकास अधिकारी विलास मरसाले, बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा पल्लवी कुलकर्णी, चाइल्ड लाइन समन्वयक हर्षाली गजभिये, जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजू लाडुलकर, संगीता ठाकुर, सुनील सरकटे, विद्या उमरकर आदि उपस्थित थे. मौजूदा समय में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और इसके परिणामस्वरूप कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या और इससे होने वाली मौतों को देखते हुए यह बच्चों के जीवन को प्रभावित कर रहा है.

    इसमें कुछ बच्चों ने माता-पिता दोनों को खो दिया है. चूंकि इन बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है, इसलिए उनके बाल शोषण, या बाल श्रम, या बाल तस्करी के शिकार होने की संभावना अधिक होती है. अधिनियम के तहत एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों का शोषण न हो और उनका संरक्षण और पालन-पोषण हो. टास्क फोर्स उन बच्चों का पालन-पोषण और सुरक्षा करेगी जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है.

    जिला व तहसील स्तर पर ऐसे बालक पाए जाने पर चाइल्ड हेल्प लाइन नं.1098 इस टोल फ्री क्रमांक पर या बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पल्लवी कुलकर्णी (9763288870), संरक्षण अधिकारी सुनील लाडुलकर (8767731078), चाइल्ड लाइन समन्वयक हर्षाली गजभिये (9146644358), जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजु लाडुलकर (9421464566) से संपर्क किया जा सकता है, ऐसा आहवान जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने किया है.