Farmers waiting for rain, farmers outraged by pest infestation on crops
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अकोला. मौसम में आए परिवर्तन के कारण गेहूं और चने की फसला पर खतरा मंडराने लगा है. मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो से तीन दिनों में बारिश होने का अनुमान लगाया है और किसानों से खुले में रखे गए माल की देखभाल करने का आहवान किया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बुलढाना और अकोला जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी है. जिसके बाद शनिवार से ही मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है.

रबी की फसलें अकोला जिले में बड़े प्रमाण में उगाई जाती हैं. यह फसलें खेतों और तालाब के पानी पर निर्भर करती हैं. कुछ किसान सब्जियां भी उगाते हैं. जिले में 90 हेक्टेयर पर चने की फसल की जाती है. वहीं 60 हेक्टेयर पर गेहूं भी बोया गया है. वर्तमान में फसल की स्थिति अच्छी है. हालांकि, मौसम में परिवर्तन से फसलों को खतरा होने की संभावना है.

जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई है. अकोट, तेलहारा और मुर्तिजापुर तहसीलों में गरज के साथ बिजली भी चमक है. कई किसानों के खेतों में कपास पड़ी है. किसानों द्वारा सूखने के लिए रखी कपास को सुरक्षित स्थान पर रखें.

इसके अलावा, बादल छाए रहने और उच्च आर्द्रता के कारण खेत में खड़ी फसलों पर कीटों और बीमारियों की घटनाओं को कम करने के लिए, किसानों को बारिश के बाद सिफारिश किए गए कीटनाशकों का छिड़काव करें, यह आहवान किया गया है. इसी तरह गर्ज के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए किसानों को अपने पशुओं की उचित देखभाल करनी चाहिए.