खड़ी फसल को नुकसान, सड़क निर्माणकार्य में नियोजन का अभाव

अकोट. अकोट-अकोला रोड का निर्माणकार्य पिछले ढाई वर्ष से धीमी गति से चल रहा है. पिछले वर्ष सैंकड़ों किसानों के खेत में सड़क से लगकर खुदाई की गई थी. लेकिन मिट्टी डालकर सैंकड़ों हेक्टेयर खेती वैसे ही पड़ी रहने दी गई, जिससे किसानों का बड़ा नुकसान हुआ था. बारिश का पानी पुल के नीचे से बह जाए इसलिए पुल के नीचे पाइप लाइन डालना जरूरी था लेकिन ऐसा नहीं हुआ . जिससे सारा पानी खेती में भर गया. पानी भरने से किसानों की खड़ी फसल तबाह हो गई . किसानों ने इस संदर्भ में संबंधित ठेकेदार व अभियंताओं को अवगत कराकर मुआवजे की मांग की

अभी तक नहीं मिला मुआवजा
ठेकेदार ने सरकारी सर्वे के अनुसार होने वाले नुकसान का मुआवजा देने के लिए तैयारी दिखाई है. उसके अनुसार पटवारी शेलेकर व कृषि सहायक ठाकरे ने सर्वे किया लेकिन अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है. 

किया जाएगा आंदोलन
इस दौरान नुकसानग्रस्त किसानों को 3 सप्ताह में मदद न मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी राष्ट्रवादी के राम म्हैसने व किसानों ने दी है. नुकसानग्रस्त किसानों में दौलत पाखरे, मुकेश व्यवहारे, अनिल लावणे, गोपाल बोक्से, आशीष बोक्से, कीर्तिकुमार वर्मा, गौतम रायबोले का समावेश है. इस अवसर पर राष्ट्रवादी के जयदीप चहाटे, शुभम देखमुख, मयुर बरेबरे, ऋषिकेश गावंडे, रितेश अवारे, पवन पांडे, पवन वानखडे आदि उपस्थित थे.