राज्य की बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारू करने की मांग

  • एमपीजे ने जिलाधिकारी को दिया निवेदन

अकोला. राज्य की स्वास्थ्य व्यवथा बुरी तरह लड़खड़ा गयी है. राज्य के बहुत से सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य विषयक सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. यह मुरझाई स्वास्थ्य सेवा सुचारु रूप से चलने हेतु बुनियादी स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने की मांग सामाजिक व मानवीय सेवा कार्य में राज्य में सेवारत मुवमेंट फॉर पीस एन्ड जस्टिस फॉर वेलफेअर महाराष्ट्र अर्थात एमपीजे की ओर से की गयी. मुख्यंमत्री उद्धव ठाकरे को जिलाधिकारी द्वारा एमपीजे ने निवेदन भेजा गया.

इस में राज्य के अनेक सरकारी अस्पताल  एवं अन्य स्वास्थ्य इकाइयों के पास पर्याप्त चिकित्सा वर्ग, आधुनिक चिकित्सा उपकरण, औषधियां स्वास्थ्य दायक इमारत आदि उपलब्ध नहीं है. जिससे संविधान के सभी को स्वास्थ्य, इस अधिकार का हनन हो रहा है. करोना संकट में कम प्रभावित अन्य बीमारियों में योग्य एवं पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से अनेक मरीजों के मौत होने की बात निवेदन में कही गयी है. राज्य में कमजोर स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने हेतु राज्य के बजट की जीडीपी में दो प्रतिशत स्वास्थ्य पर वित्तीय नियोजन कर राज्य में रेजिस्ट्रेशन एन्ड रेग्युलेशन अधिनियम लागू करने की मांग निवेदन में कही गयी.

एमपीजे के प्रदेश अध्यक्ष मो.सिराज के मार्गदर्शन में अनेक जिलों में इस आशय के निवेदन दिए गये. जिले में एमपीजे के प्रदेश सचिव हुसैन खान, जिला अध्यक्ष अतीकुर रहेमान, महानगराध्यक्ष शहजाद अनवर, महिला अध्यक्षा तरंनुम बी, कार्याध्यक्ष प्रतिभा नागलकर, शहनाज बी, सचिव रंजू पातोड, सहसचिव शीतल, झुलेखा बी, रेहाना बी, सय्यद अकरम, उसेर अहमद, अबरार अहमद आदि की उपस्थिती में निवेदन सौंपा गया.