सरकारी आदेश के अनुसार किया गया ज्वारी का निपटान – जिला आपूर्ति अधिकारी

अकोला. खरीफ विपणन सीजन 2015-16 और 2016-17 के दौरान खरीदे गए ज्वारी में से, अकोला के सरकारी गोदाम में 3,398 क्विंटल, सरकारी गोदाम अकोट कुल 10857.70 टन क्विंटल और सरकारी गोदाम तेल्हारा में 1777.70 क्विंटल इस तरह कुल 10857.70 क्विंटल की अवधि में शेष बचे ज्वारी को आवंटन नहीं मिलने के कारण ज्वारी बिना किसी निपटान के पड़ी रही.

जैसा कि इस ज्वारी को 3 से 4 वर्ष की अवधि बीत चुकी थी, जिससे ज्वारी के नमूने निदेशक, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रयोग स्कूल, पुणे और पशुपालन आयुक्त, रोग अन्वेषण, म.रा.औधं, पुणे को भेजे गए थे. एक महीने के भीतर, दोनों प्रायोगिक स्कूलों ने इस कार्यालय में एक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की है कि तीन तहसीलों के सैम्पल मानव और पशु उपभोग के लिए अयोग्य है. प्रयोगशाला द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव 16 नवंबर 2018 से 29 अक्टूबर 2020 तक सरकार को प्रस्तुत किया गया है.

लेकिन इस ज्वारी के निपटान के लिए सरकार से कोई अनुमति न मिलने से ज्वारी खरीदी के लिए शारदा महिला औद्योगिक सह. संस्था मर्यादित-अमरावती, विदर्भ मल्टीपरपज एज्यूकेशन सोशल वेल्फेअर सो.सा. नांदुरा, भूमित्र पलचेस एन्ड बायटेक सागवन जि.बुलढाना इन संस्थाओं ने आवेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत किए थे. यह आवेदन सरकार की ओर भेजे गए थे.

सरकार द्वारा दिए गए 4 मार्च 2020 के पत्र के अनुसार ज्वारी किस संस्था को खरीदी की मंजूरी दी गयी इस संदर्भ में स्पष्ट न किए जाने से स्वयंस्पष्ट प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत करने के लिए इस कार्यालय को सूचित किया गया था. तदनुसार, संस्था चालकों की एक संयुक्त बैठक 12 मार्च, 2020 को जिला आपूर्ति कार्यालय, अकोला में आयोजित की गई थी. बैठक में, सभी संस्थानों को निर्देश दिया गया कि वे अपने दर पत्रक को एक सीलबंद लिफाफे में तैयार करके इस कार्यालय में जमा करें.

संगठन के नाम जिनकी दरें अधिक हैं, उन्हें अनुमोदन के लिए सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा. तदनुसार, संगठन ने अपनी दरों को निर्धारित किया था और दर पत्रक को इस कार्यालय में जमा किया था. इस संगठन द्वारा दी गई अतिरिक्त दरें सरकार को सौंपी गई थीं. सरकार के पत्र ने 1 दिसंबर 2020 को उस संस्था को चिन्हांकित किया, जिसने अतिरिक्त दरें दी हैं. जिसके बाद सरकार द्वारा बिक्री के लिए मंजूरी दे दी गई थी क्योंकि तीनों संस्थानों ने तहसीलवार तरीके से अतिरिक्त दरों का भुगतान किया था.

सरकार के पत्र के अनुसार, इस कार्यालय द्वारा 17 दिसंबर 2020 को उपरोक्त संस्था को आदेश जारी किया गया है. सरकार द्वारा दी गई स्वीकृति के अनुसार ज्वारी का निपटान कर दिया गया है. यह जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी है.