Citizens troubled by bad settlements, mud, dirt in division 3

अकोला. जिले में विकास कार्य के लिए अब रास्ता साफ हो गया है. जिला वार्षिक योजना (डीपीसी) को बजटीय निधि प्रदान करने के सरकार के निर्णय के तहत जिले को 110.54 करोड़ रुपये की शेष राशि प्राप्त हुई है. इस राशि को कोरोना के कारण रोक दिया गया था. यह जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने दी है. इसलिए, यह माना जाता है कि जिले में रुके हुए विकास कार्य अब हल हो जाएंगे. कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सरकार को बहुत खर्च करना पड़ा है.

कोरोना संकट के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान सभी उद्योगों, व्यवसायों को बंद करना पड़ा था. जिसके कारण करों और राजस्व में कमी आई है. जिससे विकास कार्यों केर खर्च को रोक दिया गया था क्योंकि इसका प्रभाव अर्थव्यवस्था पर देखा गया था और सरकार ने विकास कार्यों के लिए केवल 33 प्रतिशत धन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था.

जिला वार्षिक नियोजन के लिए 165 करोड़ 94 लाख रू. मंजूर रहने के बावजूद इसमें से केवल 54 करोड़ 45 लाख रू. प्राप्त हुए. इसमें से 50 फीसदी को स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए रखा गया था. अब जब कोरोना का संकट कम हो गया है, सरकार ने विकास कार्यों के लिए वितरित धनराशि को जारी करना शुरू कर दिया है, तालाबंदी को धीमा कर दिया और रुकी हुई अर्थव्यवस्था को सुधारा जा रहा है. इसलिए, यह उम्मीद की जाती है कि अकोला जिले में विकास कार्य, जो धन की कमी के कारण रुके हुए थे, अब गति पकड़ेंगे.

चरणबद्ध तरीकें से निधि 

जिला प्रशासन को पहले चरण में 16 करोड़ 50 लाख रुपये मिले थे. उसके बाद, दूसरे चरण के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपये मिले थे. तीसरे चरण में सितंबर में 13.20 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई. जिला प्रशासन को पहले 65 करोड़ रुपये के कुल बजट प्रावधान का 33 प्रतिशत या 54.45 करोड़ रुपये मिले थे.