40 million fund to Manpa, exercise to deal with Kovid

अकोला. अकोला मनपा क्षेत्र में कई लोग ऐसे हैं जो स्वयं होकर स्वास्थ्य जांच के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. ऐसे लोगों को मार्गदर्शन कर स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करें. यह आह्वान जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने मौलवियों से किया है. 

स्थानीय जिलाधिकारी कार्यालय में मौलवी व उर्दू शालाओं के मुख्याध्यापक और शिक्षकों की संयुक्त बैठक में वे बोल रहे थे. नियोजन भवन में आयोजित बैठक में मनपा आयुक्त संजय कापडणीस, निवासी उप जिलाधिकारी संजय खडसे, उप विभागीय अधिकारी डा.नीलेश अपार, उपायुक्त वैभव आवारे, सहायक आयुक्त पूनम कलंबे, शिक्षाधिकारी डा.शाहीन सुलताना, चिकित्सा अधिकारी डा.फारुख शेख, डा.अस्मिता पाठक तथा हाफिज बेग, मौलाना गुलाम मुस्तफा, मौलाना मोहमद आतिक, मौलाना शहाजान जमील, मुफ्ती गुफरान गाजी, हफिउल्ला बेग मौलवी तथा अन्य उपस्थित थे. 

बीमारी छिपाने से बढ़ती है समस्या : कापडणीस
मनपा आयुक्त संजय कापडणीस ने कहा कि अकोला में वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रूप से बीमार लोगों की जांच करने के लिए स्वास्थ्य यंत्रणा प्राथमिकता दे रही है. बीमारी छिपाने से समस्या बढ़ जाती है. 

इस संदर्भ में मौलवी, समाजसेवक, शिक्षकों को चाहिए कि वे समुपदेशन करें, जिससे प्रशासन को मदद मिलेगी एवं कोरोना बीमारी रोकने में आसानी होगी. जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने बताया कि मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना, सामाजिक दूरी बनाए रखना आदि के बारे में भी मौलवियों को मार्गदर्शन करना चाहिए. सरकारी चिकित्सा मवि तथा कोविड केयर सेंटरों में मरीजों की सुविधाओं पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है.