Water Crisis

    • ग्राम पंचायतों का नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़

    अकोला. बरसात के मौसम में जिले की कुछ ग्राम पंचायतों ने नागरिकों की जान से खिलवाड़ किया है. जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले के 30 गांवों में ग्राम पंचायतों ने ब्लीचिंग पाउडर नहीं खरीदा है. जिला स्वास्थ्य प्रयोगशाला के अनुसार 158 गांवों के पानी के नमूने दूषित पाए गए हैं. जिला प्रशासन ने 2 ग्राम पंचायतों को ‘रेड कार्ड’ और 131 ग्राम पंचायतों को ‘येलो कार्ड’ उनके कर्तव्यों का उल्लंघन करने के लिए जारी किया है.

    30 गांवों में ब्लीचिंग पाउडर नहीं

    अकोला जिले की सात तहसीलों में कुल 850 गांव हैं. इनमें से 30 में ग्राम पंचायतों ने ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध नहीं करवाया है. यद्यपि ग्राम पंचायतों को प्राप्त निधि से स्थानीय स्तर पर ब्लीचिंग पाउडर खरीदने का अधिकार है, स्वास्थ्य विभाग के एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि 30 गांवों में ब्लीचिंग पाउडर की कमी है.

    ऐसी ग्राम पंचायतों को गुट विकास अधिकारियों के माध्यम से रेड कार्ड और यलो कार्ड नोटिस भेजा गया है. ब्लीचिंग पाउडर की व्यवस्था जल्द से जल्द करने की सूचना दी गयी है. ग्राम पंचायत की यह जिम्मेदारी है कि वह गांवों में बनी जलापूर्ति टंकियों के साथ-साथ कुओं में हैंडपंप व पीने के पानी में ब्लीचिंग पाउडर डालें. लेकिन खुलासा हुआ है कि कुछ ग्राम पंचायतें इस ओर अनदेखी कर रही हैं.

    158 जल स्त्रोतों के सैम्पल दूषित

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी जल स्रोतों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए जिला स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजते हैं. जून में, जिले के सभी सात तहसीलों के 850 गांवों में जल स्रोतों से 1,150 पानी के नमूने लिए गए. इनमें से 158 स्थानों के पानी के नमूने पीने के अयोग्य और दूषित पाए गए. जिनमें अकोला तहसील के 21, बार्शीटाकली तहसील के 19, अकोट तहसील के 27, तेल्हारा 11, बालापुर 1, पातुर 37 और मुर्तिजापुर तहसील के 38 सैम्पल दूषित पाए गए हैं. 

    बिना ब्लीचिंग पाउडर वाले सर्वाधिक अकोला तहसील के 17 गांव

    चौंकाने वाला तथ्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के 30 गांवों में ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध नहीं है. यहां के नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में है. बिना ब्लीचिंग पाउडर वाले गांवों में अकोला तहसील के 17, बालापुर 9 और मुर्तिजापुर तहसील के 4 गांवों का समावेश हैं. यह उतना ही चौंकाने वाला है कि अकोला तहसील के अधिकांश गांव, जो कि ‘मिनी मंत्रालय’, जिला परिषद का मुख्यालय है, बिना ब्लीचिंग पाउडर के हैं.