LT Market, garbage

    पातुर. नगर परिषद तथा शिर्ला ग्राम पंचायत के सीमावाद में शहर में गंदगी का आलम होने से नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा हो रहा है. शहर के गुरुवार पेठ तथा नया बस स्टैण्ड के बीच में शहर का साप्ताहिक बाजार बना हुआ है. साप्ताहिक बाजार का निर्माण करने पर करोड़ रू. के करीब राशि खर्च की गयी लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते साप्ताहिक बाजार बंद होने से साप्ताहिक बाजार में मवेशियों, सुअर व कुत्ते जैसे जानवरों ने अपना डेरा जमाया हुआ है.

    साप्ताहिक बाजार में नाली में गंदा पानी भर गया है. आने जाने वाले नागरिकों को रास्ते पर बह रहे गंदे पानी से परेशानी उठानी पड़ रही है. बाजार के बीच में मटन मार्केट बना हुआ है. लेकिन मास मच्छी विक्रेता अपने दूकानें रास्ते पर खुले में लगा रहे है. जिसे मुर्गी, बकरे तथा मछलियों के अवशेष कही भी फेकने से गंदगी बढ़ रही है. वैसा देखा जाये तो साप्ताहिक बाजार नगर पालिका सीमा में पहले से ही है. लेकिन बजार को लगकर गुरुवार पेठ का हिस्सा ग्राम पंचायत में है. नगर परिषद ग्राम पंचायत दोनों में आपसी मेलजोल की जरूरत है. साफसफाई की जरूरत है. 

    उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार शहर का बड़ा परिसर शिर्ला ग्राम पंचायत में गया है. लेकिन  ग्राम पंचायत में जाने वाले मरहबा कालोनी, साप्ताहिक बाजार, सलाबत प्लाट, सैदु प्लाट, दूल्हा प्लाट, गाडगेवाडी, झोपड़पट्टी, मिलिंद नगर, कढोनेवाडी आदि परिसर के नागरिक बुनियादी सुविधा से वंचित हो रहे है. नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं की मांग करने पर अपनी सीमा में नही होने का कारण बता कर दोनों तरफ से टाला जा रहा है.

    नगर परिषद तथा शिर्ला ग्राम पंचायत के बीच में रहनेवाले नागरिकों की अवस्था दोनों घर के मेहमान भुखे ऐसी हो गयी है. फिलहाल मानसून का मौसम आ रहा है. बारिश शुरू हो गई है. लेकिन नगर पालिका द्वारा मानसून पूर्व कोई तैयारी नही की गई है. शहर से गंदा पानी बहा ले जानेवाली बड़ी नालियां आधे से ज्यादा बंद हो गयी है. उन में पत्थर मीट्टी का मटेरियल भरा हुआ हैं वही शहर से बहने वाली नदी में भी कटेली झाड़िया तथा नदी में कचरे की गंदगी के ढेर डाले गये है.

    मानसून पूर्व तैयारी में नदी की साफ सफाई करने की आवश्यकता है. लेकिन इस ओर नगर पालिका अनदेखी कर रही है. बारिश के दिनों में नदी को बाढ़ आने से नदी पर बने पुलिया में कचरा भर जाने से बाढ़ का पानी नागरिकों के घर में घुसने का डर व्यक्त हो रहा है. आधी दर्जन नालिया बंद स्वरूप होने से गंदा पानी रास्ते पर से बह रहा है. जिससे डेंगू मलेरिया की मच्छरों का संक्रमण बढ़ गया है. नगर पालिका सीमा तथा शिर्ला ग्राम पंचायत सीमा का विवाद नागरिकों के जान पर खतरा बन रहा है.