Crop Damage
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    • फसल बीमा कंपनी की ओर किसानों का ध्यान

    अकोला. नैसर्गिक विपदाओं के कारण खरीफ फसलों में इस वर्ष करीब करीब जिले के सभी किसानों को धक्का पहुंचा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब तीन लाख के लगभग किसानों को नैसर्गिक विपदाओं के कारण हानि हुई है. कुछ किसान तो ऐसे हैं जिनको फसलों का उत्पादन खर्च भी नहीं मिल सका है. बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया है. सन 2020-21 में अत्यधिक बारिश के कारण सभी फसलों को नुकसान पहुंचा. इसी के साथ साथ फसलों के उत्पादन में भी काफी कमी आयी है. अब किसानों का पूरा ध्यान बीमा कंपनी की ओर लगा हुआ है.

    कई फसलें हाथ से निकल गयी

    सोयाबीन तथा कपास की फसलें भी हाथ से निकल गयी है. अनेक क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कपास गीली हो गयी थी. जिसके कारण कपास की गुणवत्ता भी कम हो गयी. लगातार बदरीला मौसम रहने के कारण तुअर की फसल में भी कीड़ा लगने से तुअर के पौधे सूख गए. इल्ली रोग के कारण भी तुअर की फसलों को नुकसान पहुंचा. तुअर के उत्पादन में भी काफी कमी आयी. इस वर्ष करीब 2 लाख 63 हजार के करीब किसानों ने फसलों का बीमा निकाला है. अब उन्हें बीमा के लाभ की प्रतीक्षा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब सवा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती को नुकसान पहुंचा है. 

    वापसी की बारिश से नुकसान

    अनेक किसानों ने बातचीत के दौरान बताया कि जो थोड़ी बहुत फसलें बची थी वे फसलें वापसी की बारिश के कारण बर्बाद हो गयी. उत्पादन खर्च न निकल पाने के कारण किसान वर्ग काफी संकट में हैं. किसानों ने किसी तरह पैसों का इंतजाम कर के, कर्ज लेकर खेतों में बुआई की थी. लेकिन उन्हें उत्पादन खर्च न निकल पाने के कारण उनकी स्थिति काफी खराब हो गयी है. करीब साढ़े तीन लाख खातेदारों में से दो लाख 63 हजार के लगभग किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हिस्सा लिया है. सभी का ध्यान इस ओर लगा है कि उन्हें कब इसका लाभ मिलता है.