निकृष्ट बीजों की किसानों को चिंता, इस बार अच्छी क्वालिटी के बीज की काफी कमी रही

    • किसानों को बीज के लिए भटकना पड़ा

    अकोला. इस वर्ष खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के बीजों की कमी का सामना करना पड़ा. और तो और ठीक फसलों की बुआई के समय किसानों को बीज नहीं मिल पा रहे हैं. सबसे पहले शुरूआत महाबीज के सोयाबीन बीज की कमी से हुई. किसानों को महाबीज के सोयाबीन के बीज हेतु काफी तकलीफ हुई लेकिन बीज की कमी होने के कारण कुछ किसानों ने अधिक दाम देकर अन्य कंपनियों के सोयाबीन के बीज खरीदे. 

    शुरूआत से ही बीज की कमी

    इस बार शुरूआत से ही किसानों को बीज की कमी का सामना करना पड़ा. पहले महाबीज के सोयाबीन के बीज नहीं मिले. उसके बाद अन्य कुछ कंपनियों के सोयाबीन के बीज बाजारों में उपलब्ध थे. लेकिन उनके दाम काफी अधिक थे. इसके बावजूद भी अनेक किसानों ने वे बीज खरीदे. कुछ किसान जिन्हें सोयाबीन के बीज उपलब्ध नहीं हो सके उन किसानों ने सोयाबीन की जगह दूसरी फसलों की बुआई की. कुछ किसानों ने सोयाबीन की जगह कपास की बुआई हेतु बीज खरीदे. 

    कुछ वर्षों से अच्छी क्वालिटी के बीज नहीं

    पिछले करीब दो से तीन वर्षों से चाहे सोयाबीन का बीज हो या अन्य किसी फसल का किसानों को उत्तम क्वालिटी के बीज बहुत मुश्किल से मिल पा रहे हैं. कुछ किसानों का कहना है कि इस बार सोयाबीन के क्वालिटी बीजों में भी कुछ मिलावट हो सकती है क्योंकि इस बार सोयाबीन के बीज की काफी कमी है. कुछ किसानों का यह भी कहना था कि उन्होंने कई बार फर्जी और बोगस बीज को लेकर शिकायत की है. लेकिन अभी तक संबंधित कंपनियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

    पिछले वर्ष भी सोयाबीन के क्वालिटी बीज न होने के कारण कुछ किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ी थी. इसी बात को लेकर इस वर्ष भी किसान चिंतित हैं. इस वर्ष किसानों को सोयाबीन के बीज के लिए इधर उधर भटकना पड़ा. फिर भी कई किसानों को सोयाबीन के बीज नहीं मिले. इस बारे जो बीज सबसे पहले बाजार में आए थे वही किसानों को उपलब्ध हो पाए, उसके बाद कंपनियों ने दोबारा बीज मंगाकर नहीं दिए. और तो और महाबीज के अलावा सभी कंपनियों ने बीज के दाम इस बार काफी बढ़ा दिए हैं.

    इस तरह किसानों को बहुत अधिक दाम देकर सोयाबीन के बीज खरीदने पड़े हैं. सरकार का काम है कि अभी खरीफ की फसलों की बुआई के समय जिन किसानों को अब तक सोयाबीन के बीज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं उनके किसानों को बीज उपलब्ध करवाएं जिससे किसान अपने खेतों में सोयाबीन की बुआई कर सकें.