5 नवंबर तक मांगे पूरी न होने पर संबंधित अधिकारियों के कपड़े फाड़ देंगे

  • स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता 
  • रविकांत तुपकर ने पत्रकार परिषद में कहा 

अकोला. कपास तथा सोयाबीन उत्पादकों के लिए दूध और गन्ने को लेकर किए गए आंदोलन की तर्ज पर विदर्भ, मराठवाड़ा के किसानों के लिए स्वाभिमानी शेतकरी संगठन रास्ते पर उतरकर आंदोलन करेगा, 5 नवंबर तक केंद्र सरकार द्वारा संबंधित मांगे पूरी नहीं की गयी तो राज्य के केंद्रीय मंत्रियों के घर के सामने बैठा आंदोलन करते हुए गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करनेवाले संबंधित अधिकारियों के कपड़े फाड़ दिए जाएंगे. यह जानकारी शुक्रवार की दोपहर विश्रामगृह में आयोजित पत्र परिषद में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता रविकांत तुपकर ने दी.

उन्होंने कहा कि सीसीआई के खरीदी केंद्र तुरंत शुरु किए जाएं, सोयाबीन को 6 हजार रु. के दाम दिए जाएं, राज्य के नुकसानग्रस्त किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा पैकेज दिया जाए, यह मांगे केंद्र से संबंधित होने से विदर्भ और मराठवाड़ा के केंद्रीय मंत्रियों ने यह विषय प्रधानमंत्री के सामने रखें. अन्यथा उनके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा, इसके जो भी परिणाम होंगे उसका सामना करने की हमारी तैयारी है यह भी रविकांत तुपकर ने कहा. नुकसान भरपाई के लिए औसत 65 मि.मी. वर्षा का निकष लगाया है. जिसके कारण प्रशासन ने अकोला जिले का नुकसान शून्य बताया है.

इसी तरह वाशिम जिले में 64 मि.मी. बारिश दिखाई जाने से वहां के किसानों को भी मुआवजा नहीं मिलेगा. प्रशासन द्वारा इस तरह की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने से उनके खिलाफ आंदोलन किए जाने की सूचना उन्होंने दी. मुख्यमंत्री द्वारा 10 हजार करोड़ रु. का पैकेज घोषित किया गया जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर 10 हजार रु. मिल सकेंगे, लेकिन यह राशी बहुत ही कम है. किसानों को 25 हजार रु. प्रति हेक्टेयर की मदद दें ऐसी हमारी मांग है.

रविकांत तुपकर ने कहा कि सरकार ने 3 कृषि बिल लाकर किसानों को उद्योगपतियों के सामने खड़ा कर दिया है. वर्तमान स्थिति में व्यापारी 4 हजार रु. के अनुसान कपास की खरीदी कर रहे हैं. व्यापारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है. केंद्र सरकार को गारंटी दाम से दूर भागना है. जिसके कारण किसानों को आत्महत्या के लिए प्रवृत्त करनेवाले 

कानून हम वापस किए बिना नहीं मानेंगे, यह भी उन्होंने कहा. उन्होंने कहा कि 5 नवंबर तक मार्केटिंग फेडरेशन केंद्र शुरु करें. 70, 80 केंद्रों द्वारा खरीदी पूरी नहीं हो सकेगी. इसीलिए तहसील स्थानों पर खरीदी हो यह मांग हमारी है. पत्र परिषद में स्वाभिमानी किसान संगठन के विदर्भ अध्यक्ष दामूअण्णा इंगोले, जिलाध्यक्ष गणेश खुमकर, चंद्रशेखर गवली, संजय सोनोने, महिला आघाडी की बेबी राठोड़, रुपाली थोरवे आदि उपस्थित थीं.