मनपा की आम सभा में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा, शोरशराबा व बहस

  • माईक की तोड़फोड़, मंडप का खंबा निकाला
  • शिवसेना पार्षद शशिकांत चोपडे 2 सभाओं के लिए निलंबित

अकोला. अकोला मनपा की आम सभा गुरुवार को हुई जो पिछली 2 सभाओं की तरह शोर शराबा, बहस, हंगामा से परिपूर्ण रही. मनपा की आम सभा में एक ओर सभा के विषयों को सत्ता पक्ष द्वारा मंजूरी दी जा रही थी और विपक्षी पार्षदों द्वारा जोरदार विरोध दर्शाया जा रहा था. विपक्षी पार्षदों द्वारा की गई माईक की तोड़फोड़, मंडप का झुका हुआ खंबा निकालने के साथ ही बहस व हंगामा के बीच सभा में शोर शराबा जारी रहा. महापौर अर्चना मसने ने शिवसेना पार्षद शशिकांत चोपडे को आगामी 2 सभाओं के लिए अपात्र घोषित कर निलंबित किया है. आरोप और प्रत्यारोपों के बीच यह तीसरी सभा शोर शराबा व हंगामा के साथ जारी रही.  

सभा में जोरदार बहस व हंगामा 

गुरुवार को दोपहर बाद महापौर अर्चना मसने की अध्यक्षता में मनपा परिसर में मंडप डालकर आम सभा का आयोजन किया गया. मंच पर मनपा के प्रभारी आयुक्त वैभव आवारे और उप महापौर राजेंद्र गिरी, महापौर अर्चना मसने विराजमान थी. सभा में 2 जुलाई और 30 सितंबर की सभा के विषय किस आधार पर मंजूर किए गए है.

इस मुद्दे को लेकर शिवसेना के गटनेता व पार्षद राजेश मिश्रा ने आरोप करते हुए हंगामा बरपा. जब सत्ता पक्ष की ओर से विनोद मापारी कुछ कहने के लिए खड़े रहे तब विनोद मापारी को बोलने का अधिकार किसने दिया? हमें महापौर व प्रशासन द्वारा जवाब चाहिए यह राजेश मिश्रा ने कहा और मापारी के हाथ का माईक लेकर फेंक दिया. महापौर बार बार आहवान कर रही थी कि हम चर्चा के लिए तैयार है, सदस्य नीचे बैठे लेकिन पार्षद सदस्य एकदूजे के सामने खड़े रहकर बहस कर रहे थे. आम सभा में विषयों की गूंज

आम सभा में सत्ता पक्ष के पार्षदों का कहना था कि पिछली 2 सभाओं के विषय मंजूर होने के बाद अब इन पर चर्चा करने का कोई मतलब नही है. इसबीच सभा में मनपा के विरोधी पार्टी नेता साजिदखान पठान ने चर्चा करने की मांग की. पार्षद गजानन चव्हाण ने कहा कि सत्ता पक्ष द्वारा लिए जा रहे गलत निर्णयों के संदर्भ में सरकार को पत्र प्रेषित किया गया है. इस संदर्भ में जांच शुरू रहने से यह विषय सभा में लाना उचित नही है यह भूमिका रखे जाने पर प्रभारी आयुक्त वैभव आवारे ने कहा कि इस संदर्भ में अधिकारी की नियुक्ति की गई है और सरकार को कागजात प्रस्तुत किए गए है.

इस विषय पर सभा में बोलना उचित नही है. भाजपा के पार्षद विजय अग्रवाल ने कहा कि सभा में सभी विषय मंजूर किए जा चुके है. इसलिए अब इस पर अलग से चर्चा करने की आवश्यकता नही है. इस पर महापौर अर्चना मसने ने यह भी निर्देश दिए की यदि सदस्यों का समाधान नही होता है तो मतदान लिया जाए. प्रथम विषय पर सत्ता पक्ष की ओर से 44, विपक्षी सदस्यों की ओर से 0 ने मतदान किया और 3 सदस्य तटस्थ रहे. 

विकास कार्यो को लेकर हुआ हंगामा

गुरुवार को आयोजित आम सभा में उपस्थित प्रत्येक विषय को मंजूरी दी जा रही थी. लेकिन 6 विषय सभा में आने पर विकास कार्यो के अंतर्गत 50 करोड़ रु. की लागत वाले कार्य करने पर चर्चा कर निर्णय लेने के विषय पर हंगामा व शोर शराबा हुआ. एक ओर मनपा के पास रकम नही है. मनपा कर्मचारियों के लिए 6 वां वेतन आयोग लागू नही किया गया है. मनपा कर्मचारियों के वेतन प्रलंबित है. मनपा के पास रकम कैसे आएगी यह सवाल विरोधी पार्टी नेता साजिदखान पठान ने किया और इस पर चर्चा करने की मांग की.

शिवसेना के पार्षद राजेश मिश्रा ने कहा कि मनपा की कौनसी सम्पत्ति गिरवी रखकर रकम लाई जाएगी, यह स्पष्ट किया जाए. इस पर वरिष्ठ पार्षद हरीश अलिमचंदानी ने कहा कि मनपा के पास 24 करोड़ रु. है. कर्ज निकालकर रकम लाई जा सकती है, और इस रकम में से प्रत्येक पार्षद को विकास कार्यो के लिए 25 लाख रु. दिए जा सकते है. लेकिन इस सुझाव पर विरोधी पार्षदों का समाधान नही हुआ. 

निधि के लिए महापौर को अधिकार – विजय अग्रवाल

पूर्व महापौर व भाजपा के पार्षद विजय अग्रवाल ने आरोप किया कि सभा में हंगामा करनेवाले साजिदखान पठान और राजेश मिश्रा को शहर के विकास से कोई लेना देना नही है. 50 करोड़ रु. जमा करते समय कौन से स्त्रोत से रकम जुटाई गई इस ओर प्रशासन ध्यान दे. इसी तरह 24 करोड़ रु. की रकम मनपा को दिलवाने पर उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री संजय धोत्रे का अभिनंदन किया और कहा कि निधि जमा करने के संदर्भ में महापौर को अधिकार है. चर्चा में पार्षद संजय बडोणे, विनोद मापारी, सतीश ढगे, इरफान, मुश्तफा, शशिकांत चोपडे, सिद्धार्थ शर्मा, गिरीश जोशी शामिल हुए. 

विरोधी सदस्यों का सभा त्याग

आयोजित आम सभा में शिवसेना और कांग्रेस के सदस्यों ने सभा त्याग किया. उनका कहना था कि उनके बयान को महत्व नही दिया जाता है. इसलिए सभा में बैठने का कोई अर्थ नही है. यह कहते हुए विरोधी पार्टी के पार्षद सभा छोड़कर चले गए. फिर भी सभा का कामकाज जारी रहा. 

दिवंगतों को दी गई श्रद्धांजलि

आम सभा के अंत में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री, वरिष्ठ भाजपा नेता केशुभाई पटेल, पूर्व विधायक डा. जगन्नाथ ढोणे को उपस्थित सदस्यों ने 2 मिनट मौन रखकर श्रध्दांजलि अर्पित की.