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    • जिला एवं सत्र न्यायालय का निर्णय

    अकोला. बार्शीटाकली तहसील के फेट्रा में एक महिला ने और उसकी पुत्री ने मिलकर दूसरी महिला जिंदा जला दिया था. यह घटना 2012 में हुई थी, जिससे शहर में खलबली मच गयी थी. जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.बी. पतंगे ने आरोपी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है. ग्राम फेट्रा निवासी सोनू इंगले का पड़ोस में रहनेवाली बेबी श्रृंगारे और उसकी बेटी अनीता धवासे के साथ ममूली बात को लेकर बहस हुई थी. 27 दिसंबर 2012 को विवाद के बाद बेबी श्रृंगारे और उनकी बेटी ने सोनू इंगले को जिंदा जला दिया गया था.

    पिंजर पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.बी. पतंगे की अदालत ने सबूतों के आधार पर आरोपी महिला को उम्रकैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा हो सकती है. आरोपी की बेटी फरार है और अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है.