MNREGA became a boon for migrant workers, unemployed, more than 49 lakhs of jobs in Rajasthan

  • स्वयंरोजगार प्रदर्शनी आनंद मेला, मीना बाजार शुरू करें 
  • प्रधानमंत्री को निवेदन दिया

अकोला. लाकडाउन से स्वयंरोजगार धारकों पर भुखमरी की नौबत आई है. देश में सभी ओर लाकडाउन में शिथिलता देने के लिए विविध फेज के अंतर्गत विविध व्यवसायिकों को व्यवसाय करने के लिए छुट दी जा रही है. समाज के मनोरंजन के लिए अपनी जान की बाजी लगाकर जान खतरे में डालकर लोगों का मनोरंजन करनेवाले राजपालनाधारक व लघु व्यवसायधारक, स्वयंरोजगार व यात्रि व्यवसायधारकों को व्यवसाय की अनुमति न देने से उन पर भूखमरी की नौबत आई है. 500 लोग इकठ्ठा कार्य करनेवाले कारखाने को मंजूरी देकर शुरू किया गया है.

छोटे बड़े व्यवसाय करनेवाले सभी व्यवसायिकों को व्यवसाय शुरू करने के लिए अनुमति दी गई है, लेकिन स्वयंरोजगार प्रदर्शनी, आनंद मेला, मीना बाजार को शुरू करने के लिए अभी तक सरकार ने अनुमति न देने से उन पर भुखमरी की नौबत आकर मार्च 2020 से किसी भी प्रकार की सरकारी मदद अब तक उनको मिली नही है. वे सदैव यात्रा कर अपना जीवनयापन करने से उनको सरकार की ओर से मिलनेवाला राशन कार्ड से भी वे वंचित है. कोई भी सरकारी योजना उनको नही मिलती है. केवल स्वयंरोजगार प्रदर्शनी, आनंद मेला के माध्यम से गांव गांव घुमकर वे अपना जीवनयापन करते है.

पिछले मार्च 2020 से उनका व्यवसाय बंद होने से उनकी सामग्री खराब होकर बेकार हो रहे है. इस परिस्थिति में कोई दूसरा आय का साधन न होने से उन्होंने अपना जीवनयापन कैसा करना यह सवाल उनके सामने खड़ा हो गया है. सरकार ने उनके मांग पर विचार कर उनको सरकारी मदद देकर व्यवसाय शुरू करने की अनुमति देने की मांग स्वयंरोजगार, राजपालनाधारक व लघु व्यवसायधारक तथा यात्रि व्यवसायधारक की ओर से सतीश पवार ने निवेदन द्वारा प्रधानमंत्री से की है.