Unlock Phase II

अकोला. राष्ट्रीय हरित लवाद द्वारा मंगल कार्यालयों, मैरेज हाल, होटल व अन्य समारोह हाल के लिए नियमावली घोषित की है. विवाह सहित सभी समारोह के लिए डीजे और बैन्जो बजाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है. इसके साथ ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति न लेते हुए जुलूस, लाउडस्पीकर और आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया गया है. समारोह स्थल पर रास्ते के वाहनों की भीड़ होने पर संबंधित सभास्थल व्यवस्थापन को जुर्माना करने का प्रावधान भी किया गया है. शहर में वायु व ध्वनी प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय हरित लवाद ने यह निर्णय दीपक गावंडे के खिलाफ अकोला मनपा व संपूर्ण प्रशासन केस में 23 जुलाई 2020 को दिया है.  

अकोला महानगर में कई मंगल कार्यालय है जहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. मंगल कार्यालय के सामने रास्ते पर दोनों ओर वाहनों व समारोह स्थल पर उपस्थितों के वाहन खड़े रहते हैं. विवाह व अन्य समारोह में  बारात, जुलूस निकाले जाते हैं. जिसमें कर्कश आवाज में डीजे व बैन्जो बजाए जाते हैं जिससे राहगीर और समीप के नागरिकों को काफी तकलीफ होती है. ध्वनि व वायु प्रदूषण रोकने के लिए तथा नागरिकों की असुविधा दूर करने के लिए भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता दीपक गावंडे ने राष्ट्रीय हरित लवाद में एक याचिका दाखिल की थी. 

वायु व ध्वनि प्रदूषण रोकने के निर्देश 
वायु व ध्वनि प्रदूषण रोकने के साथ ही मंगल कार्यालयों के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है, उन्हें सुविधा निर्माण करने के निर्देश दें, सुविधाओं के बिना मनपा मंगल कार्यालयों के व्यवसाय लाइसेंस का नूतनीकरण न करें आदि मांगें गावंडे ने राष्ट्रीय हरित लवाद की ओर याचिका के माध्यम से की थी. राष्ट्रीय हरित लवाद की ओर इसी उद्देश्य की ग्रीन फार्म सोसायटी की भी याचिका प्रलंबित थी. दोनों याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई की गई. मंगल कार्यालय, मैरेज हाल, विवाह समारोह व अन्य समारोह आयोजित करने वाले होटल के सामने बैन्जो, डीजे न बजाने तथा आतिशबाजी न करवाने के आदेश लवाद ने दीपक के केस में अकोला मनपा आयुक्त व अन्य सक्षम प्राधिकारियों को दिये हैं. वेस्टर्न ग्रीन फार्म सोसायटी की केस का निर्णय यह संपूर्ण  देश के लिए लागू है. 

 मनपा पर अनदेखी का आरोप
राष्ट्रीय हरित लवाद द्वारा लागू किए गए निर्देशों पर पूरी तरह से अकोला मनपा व अन्य सक्षम प्राधिकारी अमल करें, यह पत्र गावंडे ने मनपा आयुक्त व अन्य सक्षम प्राधिकारी को 22 जुलाई, 28 जुलाई, 5 अगस्त को दिया है. लेकिन सक्षम प्राधिकारी द्वारा अब तक राष्ट्रीय हरित लवाद के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है, यह आरोपी गावंडे ने किया है. इस प्रकरण में शीघ्र ही न्यायालय में अवमान याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी दीपक गावंडे ने दी. मूल याचिका में  गावंडे की ओर से पुणे के अधिवक्ता दीपक एम. गुप्ते एन्ड कंपनी ने न्यायालयीन कामकाज किया.