Corona
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  • बिना सोचे समझे तरह तरह के काढे पी रहे हैं लोग
  • डाक्टरों ने दी कोरोना जांच की सलाह

अकोला. शहर में अनेकों लोग इस समय ऐसे हैं जिन लोगों को भोजन करने में स्वाद ही नहीं आ रहा है. बड़ी संख्या में ऐसे लोग है जो खाना ही नहीं खा रहे हैं. कई लोगों ऐसे हैं जिनका कहना है कि पिछले काफी समय से उन्हें भोजन में जैसे कोई रूचि ही नहीं रह गयी है. कुछ लोग भोजन की औपचारिकता मात्र पूरी कर रहे हैं. कुछ लोग फल और दूध पर हैं.

कोरोना वायरस की दहशत अभी भी लगातार कायम है. लोग कोरोना से डरे हुए हैं. भोजन में स्वाद का न आना भी कोरोना वायरस का एक कारण माना जा रहा है. वैसे भी शहर में अचानक मौसम में भी परिवर्तन हुआ है. उमस और गर्मी की जगह फिलहाल ठंड आई है. इस बारे में अकोला के सिविल सर्जन डा.राजकुमार चौहान तथा वरिष्ठ फिजीशियन डा.सुभाष तिवारी से भी बातचीत की गयी है. प्रस्तुत है उनके विचार-

डा.राजकुमार चौहान

स्थानीय सिविल सर्जन डा.राजकुमार चौहान से बातचीत करने पर कि बड़ी संख्या में लोगों को भोजन में स्वाद नहीं आ रहा है, इसका क्या कारण हो सकता है? उन्होंने कहा कि भोजन में स्वाद न आना यह भी कोरोना वायरस का एक लक्षण हो सकता है. कोविड की पहली स्टेज पर ऐसा कई बार होता है. डा.चौहान ने बताया कि स्थानीय आईएमए सभागृह में ऐसे रोगियों की दोपहर 2 से 5 बजे तक जांच शुरू की गयी है.

जिन लोगों को भोजन में स्वाद नहीं आ रहा है या भोजन की इच्छा ही नहीं हो रही है ऐसे 100 रोगियों की जांच करने पर उनमें से 70 रोगी कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं. 30 प्रतिशत रोगियों को अन्य कोई बीमारी जैसे वायरल फीवर आदि हो सकती है. डा.राजकुमार चौहान ने कहा कि इसलिए ऐसे रोगियों ने तुरंत आईएमए में जाकर अपनी जांच करवानी चाहिए. तुरंत जांच किए जाने पर और रिपोर्ट आने पर संबंधित रोगी पर उपचार किया जा सकता है. इसलिए जहां तक हो सके जांच में देरी न करें. 

डा.सुभाष तिवारी

स्थानीय वरिष्ठ फिजीशियन डा.सुभाष तिवारी का कहना है कि, जैसा कि यदि किसी को भूख नहीं लग रही है या भोजन की इच्छा नहीं हो रही है तो तुरंत कोविड की जांच सरकारी स्तर पर करवानी चाहिए. यदि कोविड नहीं है तो बाकी इलाज जांच के बाद हो सकता है. एक सवाल के जवाब में डा.तिवारी ने कहा कि लोग वर्तमान समय में कोरोना वायरस के डर के कारण तरह तरह के काढ़े पी रहे हैं. इसके कारण भी कुछ लोगों के मुंह का स्वाद चला गया है. किसी भी चीज का बहुत अधिक सेवन करना बहुत अच्छी बात नहीं है.

इस ओर भी ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है. अदरक, काली मिर्च आदि का भी बहुत अधिक सेवन करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि गुनगुना पानी भी पिया जा सकता है. लेकिन कोरोना वायरस को लेकर डर की मनस्थिति के कारण भी लोग बहुत अधिक काढ़े पीने लगते हैं. जबकि डरने जैसी कोई बात नहीं है. इसलिए डाक्टर की सलाह के अनुसार ही किसी भी चीज का सेवन करें और डाक्टर के अनुसार ही दवा आदि लें तो किसी प्रकार के रोग से ग्रसित रोगी जल्दी ठीक हो सकते हैं.