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    • कोरोना के रोगियों की संख्या घटी
    • लापरवाही बरतना ठीक नहीं 

    अकोला. शुक्रवार तक सभी प्रकार के प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति सिर्फ दोपहर 2 बजे तक थी. अब दोपहर 4 बजे तक जीवनावश्यक के साथ साथ सभी प्रकार के प्रतिष्ठान खुले रहेंगे. आज 4 बजे तक प्रतिष्ठानों को खोलने की प्रशासन की ढील के पहले दिन अनेक क्षेत्रों में बाजारपेठ में लोगों ने खरीदारी की. पिछले काफी समय से कई आवश्यक वस्तुएं कई लोग लेना चाहते थे लेकिन बाजारपेठ पूरी तरह से बंद थे. शायद इस कारण भी बाजारों में लोग देखे गए. 

    बाजारों में भीड़

    आज लोकमान्य तिलक रोड, महात्मा गांधी रोड, गांधी चौक, ओपन थिएटर रोड, जैन मंदिर रोड, मोहम्मद अली रोड के साथ साथ जठारपेठ, राऊतवाड़ी, अकोट फैल, सिंधी कैम्प, पुराना शहर के डाबकी रोड, जयहिंद चौक, हरिहरपेठ रोड आदि अनेक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग देखे गए. आज लोगों के मन में एक सुकून था कि आज लोग दोपहर 4 बजे तक के खरीदी कर सकेंगे. शायद इसी कारण से सब्जी की दूकानें, फलों की दूकानों के साथ साथ कुछ विशेष भीड़ कपड़ों की दूकानों जिसमें मुख्य रूप से होजियरी की दूकानों में देखी गई.

    इसी प्रकार से रेडिमेड कपड़ों की दूकानों में भी भीड़ देखी गई. चाहे छोटे बच्चों के लिए रेडिमेड कपड़े हों या बड़ों के लिए या महिलाओं के लिए, सभी जगह आज लोगों ने खरीदी की. इस बारे में कुछ लोगों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि काफी लंबे समय से बाजार बंद था. इसलिए कई आवश्यक वस्तुओं की खरीदी टलती जा रही थी. जूते, चप्पलों की दूकानों में भी काफी लोग देखे गए. आज भी खरीदी के समय लोगों के मन में यह डर था कि कहीं फिर से लाकडाउन न लग जाए. क्योंकि पिछले वर्ष मार्च के बाद से कई बार बाजार खुलते रहे, बंद होते रहे. 

    विवाह के हिसाब से खरीदी

    अगले माह अनेक समाजों में शुभकार्यों के विशेष रूप से शादी ब्याह के भी मुहूर्त हैं. उस अनुसार भी लोग खरीदी कर रहे हैं. शायद इसलिए भी कपड़े की दूकानों, सोने चांदी के गहनों के शोरूम के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की दूकानों में भी भीड़ देखी जा रही है. लोग अब रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं कि विवाह आदि के अवसर पर उन्हें कोई आवश्यक वस्तु न मिले. इसलिए जिनके यहां कुछ शुभकार्य है, उस अनुसार भी वे लोग अपनी अपनी खरीदी कर रहे हैं. शायद इसलिए भी बाजारों में कुछ भीड़ अधिक है. 

    लापरवाही न बरतें

    अधिकतर लोग मास्क लगाकर ही बाजारों में दिखाई दे रहे हैं. अनेक सोने, चांदी के शोरूम, कपड़ों के शोरूम के साथ साथ विविध शोरूम में सैनिटाइजर, हैन्डग्लोब्ज का इंतजाम किया गया है. लोग भी खुद ध्यान दे रहे हैं. यह ठीक है कि फिलहाल कोरोना के रोगी कम हुए हैं फिर भी लापरवाही बरतना कहीं से ठीक नहीं है. कोरोना कम हुआ है लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. इसलिए लोगों का काम है कि सोशल डिस्टेन्सिंग का भी सख्ती से पालन करें तभी कोरोना के प्रसार को टाला जा सकेगा.