जिले में बर्ड फ्ल्यू नहीं! – पशु, पक्षी पालक सतर्कता बरतें

  • जिलाधिकारी पापलकर

अकोला. नियमित रोगनिदान ​​सर्वेक्षणों से पता चला है कि जिले में कहीं भी बर्ड फ्लू की सूचना नहीं मिली है. हालांकि, जिले के पोल्ट्री फार्म संचालकों और पशुपालकों को एहतियाती उपाय करने चाहिए, यह आहवान जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर ने किया है. बर्ड फ्लू के संदर्भ में सतर्कता बरतने के संदर्भ में जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर की अध्यक्षता में जायजा बैठक ली गयी. इस अवसर पर जिला पशुसंवर्धन उपायुक्त डा.तुषार बावने, जिला पशुसंवर्धन अधिकारी डा.गजानन दलवी, जिला शल्य चिकित्सक डा.राजकुमार चौहान, निवासी उप जिलाधिकारी संजय खड़से सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

जिले में अब तक पोल्ट्री फार्म के 350 पंक्षियों के सिरो सैम्पल(नाक का स्त्राव) रोग अन्वेषण विभाग, औंध पुणे भेजा गया है. इन सभी नमूनों की रिपोर्ट नकारात्मक रही है. उनके अनुसार जिले में कहीं भी बर्ड फ्लू नहीं है. साथ ही, सरकार के निर्देशों के अनुसार, जिले में 12 अलग-अलग स्थानों से 130 पक्षियों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं. इसके लिए, पशु चिकित्सकों की आठ टीमों का गठन किया गया है. हालांकि, इस संबंध में जिलाधिकारी पापलकर ने अपील की है.

किसानों, पशुपालकों और पोल्ट्री ऑपरेटरों को जिले में कहीं भी पक्षियों की अचानक और बड़े पैमाने पर मौतों के मामले में तुरंत निकटतम पशु चिकित्सा अस्पताल को सूचित करना चाहिए. पशु चिकित्सा कर्मचारियों को दैनिक और साप्ताहिक बाजारों में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाना चाहिए. पोल्ट्री फार्म वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. जिस जिले में बाहर से पक्षी आते हैं, वहां लगातार सर्वे कराया जाना चाहिए.

पोल्ट्री फार्म ऑपरेटरों को पोल्ट्री फार्मों में स्वच्छता बनाए रखना चाहिए, परिवहन, उत्सर्जन प्रबंधन आदि के बारे में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए और स्वच्छता उपायों को लागू करना चाहिए. यदि पक्षी मृत पाए जाते हैं, तो उनके शवों को जमीन में दफन किया जाना चाहिए और खुले में दफन नहीं किया जाना चाहिए.