शहर में पार्किंग जोन न होने से लोगों को हो रही तकलीफ

    • भरतिया अस्पताल के प्रांगण में बनाया जा सकता है अत्याधुनिक पार्किंग सेंटर
    • शहर के सभी क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था जरूरी 

    अकोला. शहर में पार्किंग जोन की मांग अनेक वर्षों से प्रलंबित है. एक समय था जब शहर छोटा था लोग सड़कों पर दूकानों के सामने वाहन खड़े कर के खरीदी करने के लिए दूकानों में चले जाते थे. उस समय शहर के मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण नहीं हुआ करता था और चौपहिया वाहन बहुत कम थे. अधिकतर सायकल, स्कूटर आदि दुपहिया वाहन हुआ करते थे. लेकिन अब समय बदल गया है.

    अब चौपहिया वाहनों की संख्या भी काफी बढ़ गई है. इसी तरह जहां दूकानों के सामने लोग काफी वाहन खड़े करते थे वहां अस्थायी अतिक्रमण होने के कारण पार्किंग की जगह नहीं बची है. इस तरह सभी मुख्य मार्गों और बाजारपेठ की यही स्थिति है. इसलिए अब पार्किंग जोन बहुत जरूरी हो गए हैं. 

    लोगों को देना पड़ रहा है दंड

    पार्किंग जोन न होने के कारण लोग सड़कों पर वाहन खड़े कर के खरीदी करते हैं. कुछ वाहन सड़क से लगकर खड़े रहते हैं. इस परिस्थिति में ट्राफिक पुलिस और मनपा द्वारा सड़कों पर खड़े दुपहिया वाहन उठा लिए जाते हैं और छुड़ाने जाने पर ट्राफिक पुलिस द्वारा दंड की राशि की रसीद फाड़ी जाती है. तब वाहन छोड़ा जाता है. यह वाहन टोइंग पथक द्वारा उठाए जाते हैं. इसमें लोगों का दोष बिलकुल नहीं है, क्योंकि लोग वाहन खड़े करें तो कहां खड़े करें. 

    बाजारपेठ में पार्किंग की व्यवस्था नहीं

    महात्मा गांधी रोड, तिलक रोड, जैन मंदिर रोड, ओपन थिएटर रोड, पुराना कपड़ा बाजार, नया कपड़ा बाजार, सराफा बाजार, किराणा बाजार, होलसेल किराणा बाजार, कोठड़ी बाजार, मोहम्मद अली रोड आदि किसी भी क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. यदि इन बाजारों में कोई व्यक्ति दुपहिया या चौपहिया वाहन पर खरीदी करने के लिए आता है तो उसे जिस प्रतिष्ठान से खरीदी करनी होती है उसके सामने उसे अपनी स्कूट या कार खड़ी करने के लिए जगह उपलब्ध नहीं होती है.

    कई लोग कहीं दूर अपनी गाड़ी खड़ी कर के फिर पैदल खरीदी के लिए संबंधित प्रतिष्ठान में पहुंचते हैं. उसके बाद खरीदी करते हैं और अपना सामान लादकर अपने वाहन के पास पहुंचते हैं. कई बार तो बाजारों में इतनी भीड़ होती है कि स्कूटर चलानेवाले लोगों को भी बिना खरीदी के वापस लौट कर स्कूटर खड़ी करने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है. इस तरह शहर के महत्वपूर्ण बाजारपेठ क्षेत्रों में कहीं भी दुपहिया और चौपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. इस कारण भी लोगों को बहुत तकलीफ और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. 

    भरतिया अस्पताल में बनाया जा सकता है पार्किंग जोन

    स्थानीय लोकमान्य तिलक रोड पर स्थित मनपा के श्रीमती किसनीबाई भरतिया हॉस्पिटल के प्रांगण में अत्याधुनिक विशाल पार्किंग जोन का निर्माण किया जा सकता है. जहां बड़ी संख्या में वाहनों के खड़े करने की व्यवस्था की जा सकती है. मनपा चाहे तो यहां अत्याधुनिक विशाल पार्किंग जोन का निर्माण कर सकती है.

    यदि यहां विशाल पार्किंग जोन बनाया जाए तो तिलक रोड, पुराना किराणा बाजार, पुराना कपड़ा बाजार के साथ साथ आस पास के सभी क्षेत्रों में बाजारों में खरीदी के लिए आनेवाले लोगों के वाहनों की पार्किंग की समस्या हल हो सकती है. यहां पर किसी बड़े शहर में बनाए गए अत्याधुनिक पार्किंग जोन की तर्ज पर पार्किंग जोन का निर्माण किया जाना चाहिए और कौन कितनी देर के लिए वाहन पार्क कर रहा है उस अनुसार उससे शुल्क लिया जाना चाहिए. भरतिया अस्पताल के प्रांगण में चौपहिया और दुपहिया दोनों प्रकार के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है. 

    मनपा की प्रभारी आयुक्त नीमा अरोरा से लोगों को अपेक्षाएं

    भरतिया अस्पताल के अलावा भी शहर के सभी क्षेत्रों में स्थित बाजारों में दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था मनपा द्वारा की जानी चाहिए. अकोला मनपा की आयुक्त नीमा अरोरा अब अकोला की जिलाधिकारी हो गई हैं. लेकिन मनपा का प्रभार अभी भी उनके पास है. अकोला शहर के लोगों को मनपा की प्रभारी आयुक्त नीमा अरोरा से काफी अपेक्षाएं हैं. सभी का कहना है कि शीघ्र ही पार्किंग जोन के निर्माण किए जाने चाहिए.