Khaparkheda Power Plant
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    अकोला. जिले में महाराष्ट्र बिजली निर्माण कंपनी के पारस औष्णिक बिजली उत्पादन केंद्र को राज्य के नगर विकास, ऊर्जा, आदिवासी विकास, उच्च व तकनीकी शिक्षा, आपत्ति व्यवस्थापन, मदद व पुनर्वसन मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने भेंट देकर निरीक्षण किया. उन्होंने औष्णिक बिजली उत्पादन प्रकल्प से आक्सीजन की उपलब्धता का निरीक्षण किया.

    इस अवसर पर उनके साथ औष्णिक बिजली उत्पादन केंद्र के मुख्य अभियंता विठ्ठल रहाटे, उप मुख्य अभियंता दाम्पोदर, उप विभागीय अधिकारी रामेश्वर पुरी सहित महाजेनको के अन्य अधिकारी उपस्थित थे. औष्णिक बिजली उत्पादन प्रकल्प के ओजोन वायु निर्माण प्रकल्प से आक्सीजन निर्मित होता है.

    इस आक्सीजन की शुद्धता का स्तर 100 प्रश तक लाकर उसका उपयोग चिकित्सा विभाग के लिए करने हेतु आवश्यक काम्प्रेसर व अन्य सामग्री स्थापित कर आक्सीजन सिलेंडर में भरने के संदर्भ में ऊर्जा मंत्री तनपुरे ने स्थिति का निरीक्षण किया. उन्होंने बिजली उत्पादन केंद्र और ओजोनायजेशन प्लांट का भी निरीक्षण किया.

    इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों की एक बैठक आयोजित करके आक्सीजन की उपलब्धता की संभावित तकनीकी कठिनाइयों और संभावनाओं पर भी मार्गदर्शन दिया. राज्य में आक्सीजन की कमी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, पूरक तकनीकी व्यवस्था प्रदान करके आक्सीजन की उपलब्धता की निगरानी करने के लिए यह हमारा दौरा है, यह बात ऊर्जा मंत्री तनपुरे ने स्पष्ट की.

    जिलाधिकारी कार्यालय में जायजा व प्रस्तुति

    इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक लेकर इस संबंध में जानकरी ली. इस अवसर पर जिलाधिकारी जीतेंद्र पापलकर, मनपा आयुक्त नीमा अरोरा, जीएमसी की अधिष्ठाता डा. मीनाक्षी गजभिये, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. सुरेश आसोले, डा. कुसुमाकर घोरपड़े, बालापुर के एसडीओ रामेश्वर पुरी, निवासी उप जिलाधिकारी संजय खड़से प्रमुखता से उपस्थित थे. इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने कहा कि पारस परियोजना में उपलब्ध आक्सीजन का उत्पादन और निर्माण करते समय चिकित्सा मानकों को पूरा किया जाना चाहिए.

    यह आपदा के मामले में भी एक वैकल्पिक और उपयोगी व्यवस्था होनी चाहिए. इसके अलावा वर्तमान स्थिति और संभावित आपदा या कमी के मामले में क्षेत्र में आक्सीजन भंडारण की सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है. इस अवसर पर आक्सीजन उत्पादन और शुद्धिकरण के साथ-साथ तैयार आक्सीजन सिलेंडर में भरने के क्षेत्र में विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां देकर जानकारी दी.