प्रतीकात्मक तस्वीर
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    अकोला. कोविड 19 के प्रकोप के कारण बंद हुए स्कूल की घंटी आखिरकार डेढ़ साल बाद बजी है. स्कूलों ने एक बार फिर चहकना शुरू कर दिया है. अकोला शहर के अलावा जिले के कई ग्रामीण इलाकों में आठवीं से बारहवीं तक के स्कूल शुरू किए गए हैं. कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है और कुछ जगहों पर स्थिति में सुधार हो रहा है. इसलिए राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से स्कूल शुरू कर रही है.

    सरकार के निर्देश पर तथा शिक्षणाधिकारी (प्राथमिक) डा.वैशाली ठग व शिक्षणाधिकारी (माध्यमिक) दिलीप तायड़े के मार्गदर्शन में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में 15 जुलाई से जिले की 120 शालाएं शुरू की गयी है. पहले चरण में आठवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं. अकोला तहसील के ग्राम दोनवाड़ा, आगर, म्हातोड़ी सहित अन्य स्थानों की शालाओं का पहला दिन होने से यहां शिक्षकों ने विद्यार्थियों का गुलाब पुष्प प्रदान कर स्वागत किया.

    पिछले डेढ़ साल से जिन छात्रों ने स्कूल का चेहरा तक नहीं देखा था अब उनके चेहरे खुशी से खिल उठे है. स्कूल प्रबंधन ने योजना बनाई है कि जो छात्र पहले दिन स्कूल नहीं आ सके, वे निकट भविष्य में स्कूल आएंगे.

    कोविड नियमों का पालन

    स्कूलों में यह पाया गया कि स्कूल प्रबंधन ने सभी व्यवस्थाएं कोविड नियमों के तहत की हैं. जिसमें बेंच पर एक ही छात्र को बैठाना, दो बेंचों के बीच छह फीट की दूरी, एक कक्षा में अधिकतम 15 से 20 छात्र, साबुन से लगातार हाथ धोना, मास्क का इस्तेमाल, कोई लक्षण नजर आने पर छात्रों को घर भेजने पर जोर दिया गया.

    स्कूल में चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता

    जरूरी सामान जैसे इंफ्रारेड डिजिटल, जंतुनाशक, साबुन, पानी आदि रखा हुआ था. छात्रों के तापमान को शुरू में स्कूल पहुंचने पर मापा गया था. स्कूलों में पहले दिन छात्रों का अच्छा प्रतिसाद देखने को मिला.

    सरकार के निर्देशों के अनुसार, अकोला तहसील में आठवीं से बारहवीं कक्षा तक के स्कूल नियमों के अधीन शुरू किए गए हैं. पहले दिन छात्रों का अच्छा प्रतिसाद देखने को मिला. इसलिए स्कूल इतने दिनों के बाद फिर से चहकते हुए देखने को मिले हैं. -विकास पागृत, शिक्षक, महात्मा फुले विद्यालय, घुसर