खेतों में बुआई के काम रुके, किसानों को है दमदार बारिश का इंतजार

    • खरीफ फसलों की बुआई की तैयारियां पूरी हुई

    अकोला. जिले के किसानों द्वारा खरीफ फसलों की बुआई की तैयारियां अब पूर्णता की ओर है. अभी भी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं. जिन्हें अब तक फसल कर्ज नही मिल सका है, फसल बीमा के पैसे नही मिले हैं. इसके बावजूद कई किसानों ने किसी तरह से निजी स्तर पर कर्ज का इंतजाम करके बीज, खाद आदि खरीद लिए है. 

    दमदार बारिश का इंतजार

    पिछले वर्ष यहां के किसानों की खरीफ फसलें खराब हो गई थी. पिछले वर्ष खरीफ फसलों की बुआई के बाद काफी लंबे समय तक बारिश नहीं हुई थी. इसके बाद वापसी की बारिश काफी लंबे समय तक चली थी. जिससे खरीफ फसलें बर्बाद हो गई थी. बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिन्हें बुआई का खर्च भी नहीं निकल पाया था. सभी किसानों का काफी आर्थिक नुकसान हुआ था. इसके बाद रबी की फसलों से भी किसानों को कोई विशेष लाभ नहीं हुआ था.

    मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष समुचित बारिश का अनुमान प्रगट किया गया है. उस अनुसार किसान काफी खुश देखे जा रहे हैं. लेकिन अभी तक जिले में अच्छी और दमदार बारिश नहीं हुई है. किसान अभी बुआई करने में घबरा रहे हैं कि कही बुआई करने के बाद यदि जल्दी बारिश नहीं आई तो स्थिति बिगड़ सकती है. इसिलिए जिले भर के किसानों को अच्छी और दमदार बारिश का इंतजार है.

    डा. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्व विद्यालय के विशेषज्ञों के साथ साथ अन्य कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी हैं कि अच्छी और दमदार बारिश हुए बिना बुआई ना करें. क्योंकि दमदार बारिश के बाद बुआई करने का एक लाभ रहता है कि बुआई के बाद यदि कुछ दिनों तक बारिश नहीं होती है, तो भी खेतों में फसलों के लिए समुचित नमी बनी रहती है. इसिलिए अब किसानों को अपने खेतों में बुआई करने के लिए दमदार बारिश का इंतजार है. 

    कुछ दिनों से बारिश नहीं

    शुरुआत में तो ऐसा लग रहा था कि बारिश की शुरुआत ही काफी अच्छी होगी. मंगलवार की रात जिले के अनेक स्थानों पर थोडी बहुत बारिश दर्ज की गई है. इसके पूर्व भी एक दो बारिशें हुई हैं. लेकिन ऐसी बारिश नहीं हुई कि किसान बुआई कर सकें. बहुत ही कम किसान ऐेसे हैं जिन्होंने अपने खेतों में बुआई की है उन किसानों को भी अब बारिश का इंतजार है, लेकिन अधिकांश किसान ऐसे हैं जो बुआई के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से जिले भर में लगातार बदरीला मौसम बना हुआ है. लेकिन जैसी बारिश चाहिए वैसी नहीं हो रही है. 

    बुआई का पूरा इंतजाम

    सोयाबीन की बुआई जिले भर में बड़े पैमाने पर की जाती है. पहले महाबीज के सोयाबीन के बीज की कमी होने के कारण किसानों को काफी तकलीफ हुई फिर कुछ अधिक पैसे देकर किसानों ने अन्य कंपनियों के सोयाबीन के बीज खरीदे, इसके बाद अन्य कंपनियों के सोयाबीन के बीज भी समाप्त हो गए. फिर जो किसान सोयाबीन के बीज हासिल नहीं कर सकें वे दूसरी फसलों की तरफ मुड गए. इसी तरह किसानों ने किसी तरह से बीज, खाद आदि खरीद ही लिए, खेतों की सफाई के काम भी पूरे कर लिए अब किसानों का ध्यान आसमान की ओर लगा हुआ है कि कब दमदार बारिश होती है और बुआई का काम शुरू किया जाता है.