सोयाबीन फसल बीमा से पदाधिकारी व अधिकारियों में बहस छिड़ी

    अकोला. जिले में कुल 52 कृषि मंडल में से एक मंडल को सोयाबीन फसल बीमा मंजूर हुआ है. लेकिन बाकी क्षेत्र में सोयाबीन की अधिक बुआई होते हुए व क्षमता से कम आय व नुकसान होते हुए भी सर्वेक्षण करनेवाले समिति ने फसल कटाई प्रयोग कागजों पर चलाए जाने का आरोप जि.प सदस्यों ने किया है.

    इस प्रकरण में शुरू जांच में कुछ कर्मचारी किसानों पर दबाव डालने का आरोप आज की सभा में शिवसेना सदस्यों ने किया. जिस कारण सभा में अधिकारी व पदाधिकारियों में अच्छीखांसी बहस छिड़ी. जिला परिषद की आम सभा 23 जून को आनलाइन पध्दति सम्पन्न हुई. इस अवसर पर सभा में जिले में गत दो माह से गुंज रहे सोयाबीन फसल बीमा का मुद्दा सामने आया. इस पर शिवसेना सदस्यों ने सवाल खड़ा किया.

    इस प्रकरण में 8 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया. किसानों के इस महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर सभा में अच्छीखांसी बहस छिड़ी. इस अवसर पर सत्ताधारियों ने नए विषयों पर चर्चा करने की मांग की. जिससे विरोधक आक्रामक हो गए थे. सभा में अध्यक्ष प्रतिभा भोजने, उपाध्यक्ष सावित्री राठौड़, सीईओ सौरभ कटियार, सभापति आकाश सिरसाट, पंजाबराव वडाल आदि पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित थे.