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    अकोला. जिले में आनलाइन शिक्षा से हजारों विद्यार्थी वंचित रह रहे है. कोरोना से विद्यार्थियों की आफलाइन शिक्षा बंद है. लेकिन आनलाइन शिक्षा शुरू है. बच्चों के पास डिजिटल सुविधा ना होने से विद्यार्थी आनलाइन शिक्षा से वंचित है. पालकों के पास एण्ड्राइड मोबाइल फोन ना होने से आनलाइन शिक्षा देने के लिए अभिभावक हताश हो गए है. इस गंभीर विषय की ओर प्रशासन की अनदेखी हो रही है. सरकारी व निजी शालाओं के हजारों विद्यार्थियों को ना आनलाइन व ना आफलाइन शिक्षा मिल रही है. 

    पिछले वर्ष से कोरोना से शालाएं बंद थी. इस वर्ष भी पूरी तरह से शालाएं शुरू नहीं हुई है. लेकिन 2021-22 का शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ है. अन्य निजी शालाओं की तरह सरकारी शालाओं में विद्यार्थियों को आनलाइन शिक्षा शुरू की गई है. लेकिन सरकारी शालाओं के साथ निजी शालाओं के विद्यार्थियों की ओर डिजिटल सुविधा व एण्ड्राइड मोबाइल यह बड़ी समस्या है.

    लेकिन जिन बच्चों के पास मोबाइल है, उन्हें आनलाइन शिक्षा दी जा रही है. तो जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल नहीं है, उनसे फोन पर संपर्क साधकर, घर पर संपर्क कर, असाइनमेंट कार्ड वितरण आदि द्वारा आफलाइन शिक्षा दी जाती है. लेकिन जिनके पास मोबाइल स्मार्ट फोन ना होने से ऐसे हजारों विद्यार्थी आनलाइन शिक्षा से वंचित है.

    मनपा की मराठी, हिंदी व उर्दू मीडियम की कुल 33 शालाएं हैं. इन शालाओं में शुरू शैक्षणिक वर्ष में 6,691 विद्यार्थी है. जिसमें 1,644 विद्यार्थी आनलाइन शिक्षा ले रहे है. तथा 3,100 विद्यार्थी आफलाइन शिक्षा ले रहे है. 1,818 विद्यार्थी शिक्षा से वंचित है. कुल 9 शालाओं में आनलाइन शिक्षा शुरू की गई है. लेकिन एण्ड्राइड मोबाइल ना होनेवाले विद्यार्थियों के लिए आफलाइन शिक्षा शुरू नही की गई है. जिससे स्मार्ट फोन ना होनेवाले बच्चे आनलाइन व आफलाइन शिक्षा से वंचित हो रहे है.