Halo of Moon

    अकोला. वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को पृथ्वी और चंद्र का अंतर सबसे कम होता है जिसके कारण चंद्र की छिव लगभग 15 प्रश बड़ी और लगभग 30 प्रश अधिक प्रकाशमान दिखाई देती है. इस स्थिति को सुपर फ्लॉवर मून कहा जाता है. यह स्थिति 26 मई 2021 को दिखाई देनेवाली है. यह जानकारी विश्वभारती के प्रा.अभिजीत दोड ने दी है. उन्होंने बताया कि बुधवार 26 मई को चन्द्रमा सामान्य दिनों की अपेक्षा 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार होगा.

    इसी तरह चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा नजदीक होगा. इस दिन पूर्णिमा का चांद भी देखा जाएगा. इसे सुपर मून या सुपर फ्लॉवर मून के नाम से जाना जाता है. दौड ने बताया कि छायाकल्प चंद्रग्रहण दोपहर 3.15 बजे से लेकर 6.23 बजे तक होगा. सूर्य वृषभ राशि में 10 अंश पर तथा चंद्र वृश्चिक राशि में रहेगा.

    चंद्रोदय पूर्व में 112 डिग्री पर होगा. चंद्र के आकार में व प्रकाश में सबसे अधिक बढ़त रात 12.45 बजे दिखाई देगी. इस तरह का नजारा आकाश में देखने के लिए खगोल प्रेमियों ने तैयार रहने का आहवान विश्वभारती व निशिका द्वारा किया गया है.