मनपा स्थायी समिति की सभा में बिजली उपकरणों की खरीदी का मामला गूंजा

  • शिवसेना पार्षदों ने जताया विरोध

अकोला. महानगर पालिका द्वारा पुराने बिजली उपकरण निकाल कर उनके स्थान पर बिजली की बचत करनेवाले नये उपकरण लगाने के लिए 29 लाख रू. का बजट तैयार किया गया. शिवसेना के पार्षदों इस कार्य का कड़ा विरोध करते हुए इस कार्य में अनियतता का आरोप लगाया और सभागृह में बंद करो बंद करो भ्रष्टाचार बंद करों ऐसी घोषणाएं दी. राजेश मिश्रा और शशिकांत चोपड़े ने मंगलवार को मनपा की 15वीं स्थायी समिति की सभा में विरोध प्रदर्शन दर्शानेवाले फलक दिखाए. बिजली बचाने के नाम पर मलाई लूटने के प्रयास किए जा रहे हैं, यह आरोप किया गया.

महाराष्ट्र ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा अकोला मनपा को 25 लाख रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं. शेष 3.95 लाख रूपयो का निधि मनपा को खुद की निधि से खर्च करना होगा. उपरोक्त कार्यों के लिए 6 बार निविदा प्रकाशित की गयी थी और सातवी बार निविदा खोली गयी. आज सभा में शिवनी परिसर के 10 लाख लीटर के जलकुंभ निर्माण करने तथा जलवाहिनी बिछाने के कार्यों को मंजूरी दी गयी है. इससे पहले, भाजपा संख्या के बल पर स्थायी समिति में मुद्दों का अनुमोदन करती थी, जिससे शिवसेना में नाराजी थी. 

साइकिल वितरण का मुद्दा गरमाया

मनपा के महिला व बाल कल्याण विभाग द्वारा मनपा की शालाओं के विद्यार्थियों को साईकिलों का वितरण किया गया. साइकिल के आवंटन के मामले में, तत्कालीन अधिकारियों ने लाभार्थी छात्रों के माता-पिता से केवल साइकिल की रसीद लेकर कई अनियमितताएं की थीं. इसलिए मामले को देखने के लिए एक समिति का गठन किया गया. लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण, मनपा पार्षद संजय बडोणे सहित कई ने इस मुद्दे को उठाया.

विकास के मुद्दे अलग

मनपा स्थायी समिति की सभा में अक्सर देखा जाता है कि चर्चा कम और हंगामा ज्यादा होता है. इसलिए, शहर में सड़क, पानी की आपूर्ति, स्वच्छता जैसे मुद्दे किनारे पर रहते हैं. शहर के विकास को बनाए रखने के लिए ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है.

सभा में सभापति सतीश ढगे, शिवसेना पार्षद राजेश मिश्रा, शशिकांत चोपड़े, भाजपा के पार्षद राहुल देशमुख, संजय बडोणे, अधिकारियों में नगर सचिव अनिल बिडवे, बिजली विभाग प्रमुख अभियंता अमोल डोईफोडे आदि विभाग प्रमुख व कर्मचारी उपस्थित थे.